पयागपुर (बहराइच)। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद पयागपुर में शामिल हो रहीं तीन ग्राम पंचायतों का अस्तित्व पूरी तरह से पंचायती राज महकमे के नक्शे से खत्म हो जाएगा। पंचायत चुनाव की सरगर्मी बढ़ने के बाद पंचायती राज विभाग ने इस दिशा में काम तेज कर दिया है। इसे लेकर बीडीओ और एसडीएम को भी पत्र जारी किया गया है।
तहसील पयागपुर मुख्यालय को नवंबर 2018 में नगर पंचायत बनाए जाने की अधिसूचना नगर विकास विभाग ने जारी की थी। पयागपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के लिए ग्राम पंचायत पयागपुर, नूरपुर, सचौली, रुकनापुर और तालाब बघेल को शामिल किया गया है। अब शासन के निर्देश पर त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों को गठित करने और उनके परिसीमन की दिशा में भी काम हो रहा है। बहराइच में अभी तक 1053 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें ग्राम पंचायत पयागपुर, नूरपुर और सचौली को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। इसकी कवायद में पंचायती राज विभाग जुट गया है। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने खंड विकास अधिकारी पयागपुर और उप जिलाधिकारी को भी पत्र भेजा है।
यह होंगी आंशिक प्रभावित
नगर पंचायत पयागपुर में रुकनापुर और तालाब बघेल की आंशिक ग्राम पंचायतें प्रभावित हो रही हैं। इसमें तालाब बघेल में सचौली के बच रहे गांव अमीनपुर बारीपुरवा और पयागपुर के सहसरावां गांव को दूसरे गांवों में शामिल करने की कवायद चल रही है।
जल्द पूरा कर लिया जाएगा काम
नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के बाद ग्राम पंचायतों को खत्म किया जा रहा है। इसका पत्र बीडीओ व एसडीएम को भेजा गया है। जल्द ही सभी तीन ग्राम पंचायतों को पंचायती राज विभाग से अलग करने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
- उमाकांत पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी, बहराइच