फूस का छप्पर दुरुस्त करने के लिए सोमवार दोपहर एक युवक गांव के ही अपने दो साथियों के साथ जंगल के पास फूस व नरकुल काटने गया था। इसी दौरान युवक कुछ दूरी पर निकल गया। उसके साथी दूसरी दिशा में चले गए। तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने युवक पर हमला कर दिया।
बचाव के लिए युवक तेंदुए से भिड़ गया। लगभग 20 मिनट तक युवक व तेंदुए में संघर्ष हुआ। शोर सुनकर उसके साथी दौड़े और गांव के लोग भी पहुंच गए। सभी ने मिलकर हांका लगाया तो तेंदुआ युवक को छोड़कर जंगल में भाग गया। तेंदुए के हमले में जख्मी युवक का सीएचसी में इलाज कराया गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के ककरहा रेंज में उर्रा गांव है। ग्राम पंचायत के उर्रा बगिया गांव निवासी अनिल कुमार (30) पुत्र श्रीकांत का मकान फूस का है। तीन-चार दिन से रुक-रुककर बरसात हो रही है।
ऐसे में मकान दुरुस्त करने के लिए वह गांव निवासी श्रीराम और परवेश के साथ सोमवार दोपहर नरकुल और फूस काटने जंगल के पास गया था। जहां श्रीराम व परवेश दूसरी ओर चले गए। जबकि अनिल कुछ दूरी पर दूसरी तरफ चला गया।
इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। अनिल ने तेंदुए का मुकाबला करने के साथ ही शोर मचाया। इस पर श्रीराम और परवेश दौड़े। उन दोनों ने अनिल व तेंदुए में संघर्ष होता देख शोर मचाकर गांव के लोगों को इकट्ठा किया।
हांका लगने पर किसी तरह तेंदुए ने अनिल को छोड़ा और जंगल की ओर चला गया। मगर तब तक तेंदुए के हमले में अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी पीठ, कंधे व पैर में तेंदुए ने नोंचा है।
ग्रामीणों की सूचना पर वन दरोगा रामकुमार व वनरक्षक आरके सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। अनिल को सीएचसी पहुंचाया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. बासुदेव वर्मा ने बताया कि मरहम-पट्टी के बाद अनिल को घर भेज दिया है।