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32 साल बाद आया फैसला दो अभियुक्त हुए रिहा

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बहराइच। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट ने बीते शनिवार को एक अति प्राचीन मुकदमे में अपना फैसला सुनाया है। न्यायाधीश ने मुकदमे में सुनवाई करते हुए जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर जेल में बिताई गई अवधि को सजा मानते हुए दोनों अभियुक्तों के रिहाई के आदेश दिए हैं।
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विशेष लोक अभियोजक एनडीपीएस प्रेमप्रकाश मिश्र ने बताया कि थाना मोतीपुर मटेहीकला निवासी विश्वनाथ व सुभाष 17 किलोग्राम अवैध गांजा के साथ 6 नवंबर 1990 में गिरफ्तार कर 7 नवंबर को जेल भेजा गया था। उन्होंने बताया कि मुकदमे के दौरान दोनों अभियुक्त दो बार जेल जा चुके थे। तीसरी बार उन्हें 6 मई 2022 को जेल भेजा गया था। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि मुकदमा अति प्राचीन होने के चलते विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट नितिन पांडेय ने इसको गंभीरता से लेते हुए बीते सात मई को दोनों अभियुक्तों को न्यायालय में तलब कर मुकदमे की सुनवाई की। उन्होंने बताया कि दोनों अभियुक्तों ने न्यायाधीश पांडेय के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार करते हुए क्षमा याचना की।
न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों की जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषसिद्ध करते हुए उनके द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में परिवर्तित कर दो हजार के अर्थदंड से दंडित कर रिहाई का आदेश जारी किया है। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि न्यायाधीश पांडेय ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अभियुक्तों द्वारा अर्थदंड अदा न करने की स्थित में दोनों अभियुक्तों को एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगा। जिला कारागार के प्रभारी जेल अधीक्षक ने बताया कि दोनों अभियुक्तों की ओर से अर्थदंड का दो-दो हजार रुपये न्यायालय में जमा कराकर अभियुक्तों को बीते शनिवार की देर शाम रिहा कर दिया गया है।
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