बहराइच में कतर्नियाघाट रेंज के बर्दिया गांव में सोमवार को नाना के साथ खेत में बकरी चरा रही बालिका को बाघ जंगल की ओर घसीट ले गया। सूचना पाकर पहुंचे एसएसबी जवानों व ग्रामीणों ने जंगल में उसकी तलाश शुरू की तो कुछ दूरी पर बालिका का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बालिका की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वनाधिकारियों ने बाघ के हमले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। वहीं, घटना को लेकर ग्रामीणों में दहशत के साथ आक्रोश भी है। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत बर्दिया गांव निवासी आसमीन (11) पुत्री मैनुद्दीन अपने नाना अब्दुल सत्तार के साथ सोमवार को खेत में बकरी चरा रही थी।
बालिका बकरी चराते हुए कुछ दूरी पर चली गई। इसी दौरान करीब 11 बजे जंगल से निकले बाघ ने बालिका को जबड़े में दबोच लिया। इसके बाद वह उसे जंगल की ओर घसीट ले गया। यह देख साथ में बकरी चरा रहे नाना के अलावा ग्रामीण पहलवान और जाकिर अहमद ने हांका लगाते हुए बाघ से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन जंगल में बाघ ने बालिका को निवाला बना लिया।
मामले की सूचना पाकर एसएसबी 70वीं बटालियन ई कंपनी के सब इंस्पेक्टर आंचल सिंह, एसएसआई अंगता गोस, हवलदार संदीप कुमार व राजेश्वर कुमार यादव ने ग्रामीणों के साथ खोजबीन शुरू की तो कुछ दूरी पर बालिका का क्षत-विक्षत शव मिला।