तराई में बुधवार को हुई झमाझम बरसात से फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। वर्षा के साथ चल रही तेज हवा के कारण खेत में खड़ी धान और गन्ने की फसल गिर गई हैं। लगभग 25 प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों की दिक्कतें बढ़ गईं हैं।
वर्षा के चलते शहर, कस्बे व ग्रामीण अंचलों में जलभराव की भी स्थिति बन गई है। पूरे दिन में 29 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने 24 घंटो में भारी वर्षा का अनुमान जताया है। वहीं रिसिया में देर शाम गिरी बिजली की चपेट में आकर एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
परिवारीजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिवारीजनों को सौंप दिया है। तराई में काफी समय से बारिश नहीं हो रही थी। उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था। हालांकि रात का तापमान गिरने से कुछ राहत हो मिल रही थी।
बुधवार भोर में अचानक मौसम बदल गया। चार बजे से छह बजे तक तेज हवा के साथ बादल जमकर बरसे। सुबह लोग सोकर उठे तो जगह-जगह जलभराव की स्थिति थी। किसान खेत में फसल देखने पहुंचे तो सकते में आ गए। धान, गन्ना और सरसों की फसलें वर्षा के दौरान तेज हवा के झोंके से खेत में गिरी पड़ी थीं।
खेत में जलभराव के बीच फसलों के गिरने से धान और सरसों की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। किसानों की मानें तो 25 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। वहीं गन्ने की फसल भी 10 फीसदी प्रभावित हुई है। सबसे अधिक नुकसान जिले के पश्चिमी हिस्से में हुआ है।
वहीं दूसरी ओर बुधवार देर शाम रिसिया बाजार से खरीददारी कर वापस लौकी गांव लौट रहा भगोले (18) पुत्र श्याम कुमार अचानक गिरी बिजली की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसने के चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आधे घंटे बाद घटना की सूचना परिवारीजनों को मिली तो सभी मौके पर पहुंचे।
सूचना पाकर थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि बिजली की चपेट में आकर युवक की मौत हुई है। परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। इसके चलते पंचनामा भरकर लाश परिवारीजनों को सौंप दी गई है।
वहीं फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह का कहना है कि भोर से रुक-रुक कर वर्षा का क्रम जिले के विभिन्न हिस्सों में जारी है। सुबह तेज हवा के साथ हुई बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। जिले में 29 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। 24 घंटे में भारी वर्षा के संकेत मिल रहे हैं।
उधर वर्षा के कारण शहर, कस्बे और ग्रामीण अंचलों में जगह-जगह जलभराव की भी स्थिति बन गई है। लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। जलभराव व कीचड़ के चलते दिनचर्या भी अस्तव्यस्त रही। जंगल से सटे इलाकों में भोर से रुक-रुक कर वर्षा हो रही थी।
वहीं जिला मुख्यालय व आसपास के इलाकों में बादल छाये हुए थे। शाम पांच बजे अचानक फिर वर्षा शुरू हो गई। झमाझम बरसात से मौसम तो सुहावना है, लेकिन किसानों के माथे पर बल पड़ गए हैं।
मिहींपुरवा विकास खंड के पचासा गांव निवासी संदीप पाल सिंह और गुरुदास सिंह का कहना है कि खेत में खड़ी गन्ने की फसल गिर गई है।
सरसों की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं गुरुलाल और राम जुगुल का कहना है कि धान की फसल खेतों में तैयार खड़ी थी। काटने की तैयारी की जा रही थी। तेज हवा के साथ हुई वर्षा में फसल के गिरने से नहीं लग रहा है कि अनाज घर तक पहुंच पाएगा। खेतों में जलभराव के बीच धान की फसल गिरी हुई है।
अगर दो दिन यही स्थिति रही तो फसल सड़ जाएगी। भोला प्रसाद, संतोष कुमार और छोटेलाल का कहना है कि फसल के भरोसे घर की मरम्मत और परिवार के खर्च को निपटाने की योजना बनाई थी। लेकिन लग रहा है कि बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।