प्रदेश सरकार ने दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में फेरबदल कर दिया है। नई प्रक्रिया के तहत बहराइच स्थित सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में डीएल बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब दोपहिया व चौपहिया वाहन के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एकसाथ आवेदन नहीं किये जा सकेंगे।
संभागीय परिवहन विभाग द्वारा दशकों से चौपहिया व दोपहिया के ड्राइविंग लाइसेंस एक साथ बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। मगर प्रदेश सरकार ने इसमें फेरबदल करते हुए दोनों वाहनों के डीएल को एक साथ जारी करने पर रोक लगा दी है। इस पर जिले में अमल शुरू हो गया है।
अब तक दोपहिया वाहन स्वामी भी चौपहिया वाहन के डीएल बनवा लेते थे। जबकि संबंधित वाहन स्वामी को चौपहिया वाहन चलाना भी नहीं आता था। ऐसे में हादसे बढ़ने की आशंका रहती थी। मगर नई प्रक्रिया के तहत अब ऐसे वाहन चालक का ही डीएल जारी होगा। जिनके पास दोपहिया या चौपहिया वाहन है।
वाहन स्वामियों को अपना वाहन एआरटीओ कार्यालय में लाकर दिखाना होगा। कागजात भी पेश करने होंगे। इस नई प्रक्रिया के तहत शनिवार से जिले के एआरटीओ कार्यालय में वाहन स्वामियों के डीएल बनने शुरू हो गए हैं। एआरटीओ भगवान प्रसाद ने बताया कि जिले में नई प्रक्रिया के तहत डीएल बनवाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति के पास दोपहिया वाहन है, तो उसका दोपहिया वाहन का ही डीएल जारी होगा। अगर वही वाहन चालक चौपहिया वाहन खरीदकर लाता है, तो उसका ड्राइविंग टेस्ट कराकर चौपहिया वाहन का डीएल जारी करते हुए पूर्व में जारी डीएल में ही समाहित कर दिया जाएगा।
डीएल बनवाने में ये कागजात लगेंगे
दोपहिया व चौपहिया वाहन चालकों को अपना डीएल बनवाने के लिए आवेदन में ब्लड ग्रुप प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और जन्मतिथि प्रमाणपत्र की प्रमाणित फोटोकॉपी लगानी होगी। विभाग संबंधित चालक के प्रमाणपत्रों की जांच करके लाइसेंस प्रक्रिया की अग्रिम कार्रवाई प्रारंभ करेगा।
ये है निर्धारित फीस
अगर किसी वाहन स्वामी के पास दोपहिया व चौपहिया वाहन दोनों है, तो उसके प्रमाणपत्रों की जांच के बाद दो सौ रुपये लाइसेंस फीस व सौ रुपये टेस्ट फीस जमा करनी होगी। इसके बाद उसे परमानेंट लाइसेंस जारी होगा। जबकि लर्निंग डीएल की फीस 60 रुपये है। अगर दोपहिया व चौपहिया वाहन में से कोई एक वाहन का ही डीएल बनेगा तो उसके लिए स्थायी डीएल फीस 250 रुपये होगी।
नए नियम से वाहन स्वामी परेशान
एआरटीओ कार्यालय में शनिवार को कुछ लोग अपना डीएल बनवाने के लिए पहुंचे थे। नए नियम की जानकारी से ये सब परेशान दिखे। शहर निवासी मनीष कुमार का कहना है कि विभागीय कर्मचारी अब सरकार के नए नियम का हवाला देकर सिर्फ जनता को परेशान करेंगे।
सलीम अहमद और सुबराती का कहना है कि विभाग इसलिए डीएल जारी करता है कि संबंधित चालक वाहन का संचालन ठीक ढंग से कर पाता है या नहीं। इसके लिए विभाग वाहन चालक का टेस्ट कराता है। जब टेस्ट के उपरांत ही डीएल जारी होता है, तो नए नियम की आखिर क्या जरूरत है। इससे दलाली बढ़ेगी।