सोनवा थाने के पीछे गेहूं का भूसा बनाते समय एक खेत में बुधवार को अज्ञात कारणों से आग लग गई। इसकी चपेट में आने से आसपास खेतों में लगी 53 बीघा गेहूं की फसल जल गई। सूचना पर दमकल कर्मियों के समय पर न पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों ने मशक्कत कर खुद ही आग को काबू किया। बाद में पहुंचे दमकल कर्मियों से किसानों की नोकझोंक भी हुई।
सोनवा थाना क्षेत्र के ग्राम भारी गांव निवासी माधवराम का खेत सोनवा थाने के पीछे पड़ता है। माधवराम ने अपने खेत में लगी फसल को कंबाइन मशीन से कटवा लिया था। बुधवार को खुरहुरी निवासी वीरेंद्र वर्मा बिना माधवराम को जानकारी दिए उसके खेत में बचे डंठल का अपने ट्रैक्टर से भूसा बना रहा था।
इसी बीच अज्ञात कारणों से उसके खेत में आग लग गई। तेज हवाओं के कारण जब तक आग को बुझाने का प्रयास किया जाता। आग की लपटों ने बगल स्थित खुरहुरी निवासी मेवा यादव की छह बीघा, गोलीराम वर्मा की चार बीघा, गजराज वर्मा की तीन बीघा, गोमती की दो बीघा, बाबादीन की चार बीघा, संजय यादव की तीन बीघा, घन
श्याम की दो बीघा, कलहू की दो बीघा, डबलू की दो बीघा, शेषराज यादव की चार बीघा, चंद्रभाल जायसवाल की दो बीघा, प्रहलाद नाई की दो बीघा, जगराम यादव की तीन बीघा, बच्छराज नाई की तीन बीघा, कमला प्रसाद की दो बीघा, राजकिशोर नाई की दो बीघा, अठई की एक बीघा तथा संजय पांडे की छह बीघा गेहूं की फसल धूं-धूं कर जलने लगी।
आग को काबू न होता देख मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने इसकी सूचना अगिभनशमन विभाग को दी। समय पर दमकल कर्मियों के न पहुंचने के कारण आसपास गांव के लोगों ने कड़ी मशक्कत कर आग को काबू किया।
अग्निकांड में करीब दस लाख रुपये की संपत्ति के क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। मौके पर देर से पहुंचे अग्निशमन कर्मियों से ग्रामीणों की नोकझोंक हुई। मौके से वापस लौट रहे दमकल को रोक कर ग्रामीणों ने खेतों की राख पर पानी डलवा कर उसे ठंडा कराया।