- जन आरोग्य मेले में लापरवाही से मचा हडकंप, मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल इस कदर बदहाल है कि सोमवार को सुजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक हॉफ पैंट में मरीजों को देखते नजर आए। साथ ही रविवार को जन आरोग्य मेले में स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक कक्ष में सांड़ घुसने के मामले में अज्ञात को जिम्मेदार ठहराते हुए सुजौली थाने में तहरीर दी गई है। वहीं रविवार की घटना से हड़कंप मचा रहा। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बहराइच की घटना को लेकर एक्स पर ट्विट किया है। पूर्व मुख्यमंत्री के ट्विट के बाद शासन भी हरकत में आया है।
जिले के सुजौली स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में न तो डॉक्टर पहुंचे, न ही कोई कर्मचारी। नतीजा यह हुआ कि खाली पड़े डॉक्टर के कमरे में एक सांड़ घुस गया और वहां रखे कागजात चबाने लगा। सुजौली पीएचसी में इलाज की जगह यह नजारा देखने को मिला।
अमर उजाला में इस खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह आनन-फानन चिकित्सक डॉ. आरपी सिंह हॉफ पैंट और टी-शर्ट में ही अस्पताल पहुंच गए और वहीं बैठकर मरीजों को देखने लगे।
वहीं रविवार को चिकित्सक कक्ष में सांड़ घुसने की घटना के मामले में डॉ. आरपी सिंह ने सुजौली थाने में तहरीर देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर सांड़ को डॉक्टर के कमरे में पहुंचा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मामले पर सियासत गरमाई
अस्पताल में सांड़ घुसने की घटना ने न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि इस पर राजनीति भी गर्म हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है और जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा- मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का औचक निरीक्षण करने पहुंचा चौपाया, लेकिन पता चला कि डॉक्टर ही नहीं आया। किसी ने पूछा कि भैया डॉक्टर कब आएगा, तो जवाब मिला- लगता है सरकार बदलने पर ही डॉक्टर आएगा! उन्होंने आगे लिखा डॉक्टर गायब, मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में सांड़ मचाता रहा उत्पात।
ग्रामीणों में गुस्सा
गांव वालों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की कमी पहले से ही बड़ी समस्या है। जन आरोग्य मेले जैसे सरकारी आयोजन भी सिर्फ कागजों में पूरे हो जाते हैं। रविवार को जब मरीज इलाज के लिए पहुंचे तो वहां खुले में घूमता सांड़ ही मिला। यह घटना न सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर करती है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि सरकारी योजनाएं सिर्फ फोटो-सेशन और रिपोर्ट कार्ड भरने तक ही सीमित रह गई हैं।