हुजूरपुर क्षेत्र में टेढ़ी नदी की सफाई अभियान की शुरुआत करते सीडीओ।
हुजूरपुर (बहराइच)। अस्तित्व खोकर नाले मेंं तब्दील हो चुकी टेढ़ी नदी का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। शनिवार को सीडीओ मुकेश चंद्र ने खुद श्रमदान कर सफाई अभियान की शुरुआत की। अभियान के तहत नदी की जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहे कब्जेदारों से नदी को अतिक्रमणमुक्त भी करवाया जाएगा। टेढ़ी नदी के सफाई अभियान की शुरुआत से कब्जेदारों में हड़कंप की स्थिति है।
चित्तौरा विकासखंड स्थित चित्तौरा झील से निकलकर गोंंडा होते हुए अयोध्या में सरयू नदी में मिलने वाली सरयू नदी बीते कुछ सालों से अतिक्रमण की जद में है। साफ-सफाई के अभाव में नदी नाले में तब्दील हो गई है और कई स्थानों पर इसका अस्तिव ही खत्म हो गया है। नदी की जमीन पर लोग अतिक्रमण कर गन्ने व धान की फसल लगा रहे हैं। यही नहीं चिलवरिया स्थित सिंभावली चीनी मिल से निकलने वाले गंदे पानी व सीरे को भी इसमें फेंका जा रहा है। इससे इतिहास में हजारों एकड़ भूमि को सिंचित करने वाली टेढ़ी नदी खत्म होने की कगार पर पहुंच चुकी है। बहुत जल्दी अब इसके दिन बहुरने वाले हैं और एक बार फिर इसे स्वच्छ पानी से भरने की तैयारी है। इसकी शुरुआत तीन दिन पूर्व चित्तौरा विकासखंड से बीडीओ विजय सिंह ने की थी। वहीं अब नदी के वृहद स्तर पर सफाई व जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत स्वयं सीडीओ मुकेश चंद्र ने की है। शनिवार को हुजूरपुर विकासखंड के गौड़रिया ग्राम पंचायत से सीडीओ ने सफाई अभियान की शुरुआत की। उन्होंने खुद बीडीओ अनुभा श्रीवास्तव, एडीओ चंद्रशेखर, रवि शुक्ला आदि के साथ हाथ में फावड़ा लेकर सफाई की। साथ ही सभी से नदी के जीर्णोद्धार कार्य में हाथ बंटाने की अपील की।
जहां से गुजरी नदी वे पंचायतें संभालेंगी जिम्मेदारी
सीडीओ मुकेश चंद्र ने बताया कि टेढ़ी नदी को पूर्व की भांति विकसित किया जाएगा। इसके लिए नदी जिन-जिन ग्राम पंचायतों से गुजरी है, वहां के जिम्मेदार मनरेगा योजना के तहत नदी की साफ-सफाई करवाएंगे। साथ ही जहां-जहां अतिक्रमण किया गया है, उसे सख्ती के साथ हटवाया जाएगा। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख हुजूरपुर अजीत प्रताप सिंह, अजय सिंह, एपीओ प्रमोद कुमार यादव, एडीओ अल्प सिंचाई अजय त्रिपाठी, एडीओ आईएसबी उग्रसेन सिंह, महेश सिंह, अनिल कुमार पांडेय, सूरज कुमार, पुनीत वर्मा, रुद्र प्रताप सिंह, प्रवेश कुमार आदि मौजूद रहे।