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ओपीडी बंद होने पर टेली मेडिसिन का लिया सहारा

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बहराइच। मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने 22 मार्च से पूरी तरह से ओपीडी को बंद कर दिया था। सिर्फ इमरजेंसी केस ही मेडिकल कॉलेज में देखे जा रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से टेलीमेडिसिन इलाज की व्यवस्था शुरू की गई। एक माह में जिले के 699 रोगियों ने इलाज के लिए आवेदन किया, जिनको चिकित्सकों द्वारा उचित सलाह देकर इलाज किया गया। इनमें गंभीर रोगों से ग्रसित 105 मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।
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स्वशासी मेडिकल कॉलेज बहराइच में जिले की आबादी के साथ गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और आंशिक नेपाल के लोग इलाज कराने आते थे। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण न फैले, इसके लिए मेडिकल कॉलेज में ओपीडी की सेवाएं 22 मार्च से बंद चल रही हैं। मेडिकल कॉलेज में सिर्फ इमरजेंसी केस ही लिए जा रहे हैं। ऐसे में छोटे बीमारी के मरीज इलाज के लिए झोलाछाप का सहारा लेते थे। इसको देखते हुए सरकार ने टेली मेडिसिन व्यवस्था लागू की।
शहर के प्राईवेट व सरकारी चिकित्सकों के नंबर जारी किए। मेडिकल कालेज के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. डीके सिंह ने बताया कि एक मई से 27 जून तक टेलीमेडिसिन के द्वारा 699 मरीजों की ओपीडी हुई है। जिसमें चिकित्सकों ने मरीजों को फोन के माध्यम ही इलाज व उचित सलाह दी। इनमें 105 रोगी गंभीर रोगियों से ग्रसित मिले। इस पर इन सभी को सोशल डिस्टेंसिंग के तहत भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि टेली मेडिसिन सेवा गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया गया है। सीएमएस ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार ही मेडिकल कॉलेज की सेवाएं बहाल की जाएंगी।
अस्पताल में प्रतिदिन होती थी तीन हजार ओपीडी
मंडल में बहराइच मेडिकल कॉलेज आदर्श अस्पताल है। मेडिकल कालेज में चार से पांच जिले के रोगी प्रतिदिन इलाज कराने आते थे। लॉकडाउन से पूर्व मेडिकल कॉलेज में विभिन्न बीमारियों व उचित सलाह वाले तीन से साढ़े तीन हजार मरीज ओपीडी के लिए आते थे। अस्पताल में काफी भीड़ रहती थी। लेकिन ओपीडी संचालन बंद होने से इस समय मरीजों की भीड़ नहीं रहती है। कुछ माह बाद फिर उसी तरह समय आएगा।
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डॉ. डीके सिंह, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
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