बहराइच। तराई में मौसम का मिजाज इन दिनों पल-पल बदल रहा है। मंगलवार सुबह सात बजे तेज धूप निकली, जिससे लोगों को लगा कि मौसम साफ रहेगा, लेकिन महज एक घंटे बाद ही आसमान पर बादल छा गए और कैसरगंज, महसी और मिहींपुरवा सहित कई इलाकों में हल्की बारिश व बौछारें शुरू हो गईं। दिनभर मौसम आंख-मिचौली करता रहा। मौसमें उलटफेर से सब्जी और आम की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इससे किसान व बागबान चिंतित नजर आ रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी के अनुसार, मंगलवार को जिले में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिला है। आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन धीरे-धीरे मौसम साफ होगा और तापमान बढ़ेगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर सब्जी और आम की फसलों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।
किसान क्या करें
-खेत में जल निकासी की व्यवस्था ठीक रखें।
-फसलों पर रोग-नियंत्रण के लिए दवा का छिड़काव करें।
-तेज हवा से बचाव के लिए पौधों को सहारा दें।
-समय-समय पर फसल की निगरानी करते रहें।
किसान क्या न करें
-बारिश के तुरंत बाद खेत में रासायनिक खाद न डालें।
-गीली मिट्टी में भारी मशीनों का इस्तेमाल न करें।
-बिना सलाह के दवाओं का प्रयोग न करें।
सेहत का रखें ख्याल
-बदलते मौसम में ठंडा-गरम के एक साथ सेवन से बचें।
-साफ पानी और ताजा भोजन का सेवन करें।
-बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
-हल्की सर्दी-खांसी या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।