बहराइच। तराई में शुक्रवार की देर रात लगभग तीन बजे एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला। तेज धूल भरी आंधी के आने से तमाम पेड़ धराशायी हो गए और पक्की दीवारें व टीनशेड गिर गए। घर के बाहर बंधी भैंस पर विशालकाय पेड़ गिरने से उसकी मौत हो गई। आंधी के चलते विद्युत पोल व तारों पर पेड़ गिरने से 150 से अधिक गांवों की बिजली ठप हो गई। आंधी के बाद हुई झमाझम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ और खेतों में पानी भरने से कटा पड़ा गेहूं भीग गया।
तराई मेंं देर रात आई आंधी से बौंडी के कौड़हा, साईंगांव, जैतापुर, धर्मापुर, राजा रेहुआ, गोलागंज आदि गांवों के किसानों की खेतों में सूखने को पड़ी गेहूं की फसल बिखर गई। वहीं आंधी के बाद हुई तेज बारिश से खेतोंं में पानी भर गया। राजा रेहुआ निवासी किसान मंगल प्रसाद, अजय कुमार, मंगल प्रसाद, दिलेराम, राम सुहावन, राम नरेश, राम निवास, चुन्नीलाल, जमुना, बाबू, राम नरेश, रामा देवी आदि ने बताया कि तीन बार बारिश हो चुकी है। इससे गेेहूं सूख नहीं पा रहा और अब सड़ने लगा है। किसानों ने बताया कि 40 प्रतिशत फसल नष्ट हो जाएगी। मटेरा निवासी किसान मनोज कुमार ने बताया की उनका तीन बीघा गेंहू सड़ने लगा है।
बाबागंज के रामनगर, अधीनगांव, थनईगांव, गुलमागांव, पटना, प्रहलाद गांव, भगवानपुर करिंगा, परमपुर आदि गांवोंं में भी भारी नुकसान हुआ। किसान देवेंद्र पाठक, डब्बू सिंह, अंसार बाबू, अवधेश वर्मा आदि ने बताया कि लगातार बारिश से अब गेहूं मड़ाई कर अनाज घर लाने की उम्मीद टूटने लगी है। फखरपुर के गजाधरपुर में भी खेतोंं भारी मात्रा में पानी भर गया। किसान राहुल गौड़ ने बताया कि सुबह थ्रेसिंग करवानी थी, लेकिन रात में ही पानी बरसने पूरी कटी फसल चौपट हो गई।
गुल हुई बिजली
आंधी से रिसिया के मुकाम ग्राम में विद्युत तार टूटकर गिर गया। इससे आपूर्ति ठप हो गई। वहीं आंधी के चलते पूरे महसी विकासखंड क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। खबर लिखे जाने तक 16 घंटे से सधुवापुर, मुंडेरा, बाजपेईपुरवा, लखनापुर, चांदपारा, मासाडीह, शिवगढ़, लोधपुरवा, सिकंदरपुर, बेटौरा सहित 100 से अधिक गांव बिजली विहीन रहे और 80 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित रही। आंधी से फखरपुर कस्बे की भी बिजली गुल हो गई और लगभग एक लाख की आबादी प्रभावित हुई। एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया की पावर हाउस में लगा ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। उसे सही किया जा रहा है। ग्रामीण बृजेश कुमार शुक्ला, राशिद, शारिका आदि ने आरोप लगाया कि लापरवाही के चलते हल्की हवा चलने पर भी 20-20 घंटे आपूर्ति नहीं मिलती है।
कई पेड़, दीवार व टीनशेड धराशायी
तेज आंधी से खैरीघाट क्षेत्र के मैकूपुरवा निवासी चंदू व फेरूलाल मिश्र का आम का व नीम का पेड़, कल्लू व मन्नूराम शुक्ला का नीम का पेड़ धराशायी हो गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। तेज आंधी में मैकूपुरवा निवासी रीता की पक्की दीवार टिनशेड सहित गिर गई। मोल्हे की लगभग 70 फीट लंबी दीवार गेट सहित ढह गई। सूचना पर पहुंचे लेखपाल रुद्र देव यादव ने क्षति का आकलन किया। हरदी थाना क्षेत्र के कोठार निवासी संतोष वर्मा की भैंस पर बरगद का पेड़ गिर गया। हादसे में भैंस की मौके पर मौत हो गई। पीड़ित ने एक लाख से अधिक के नुकसान की बात कही है।
एक घंटे बाधित रहा बिछिया-मिहींपुरवा मार्ग
तेज बारिश से कतर्नियाघाट वन क्षेत्र के बीच बिछिया-मिहीपुरवा मार्ग पर दर्जनोंं पेड़ गिर गए। इसके चलते मार्ग बाधित हो गया और निजी बस व कई छोटे वाहन जाम में फंस गए। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद वन कर्मियोंं ने पेड़ोंं की शाखाओं को सड़क से हटाया और जाम खुलवाया। आंधी के दौरान 33 केवी विद्युत तार पर पेड़ की डाल गिरने से कैलाशपुरी पावरहाउस की आपूर्ति ठप हो गई और 13 ग्राम पंचायतोंं में अंधेरा हो गया। टेक्नीशियन जितेंद्र कुमार ने बताया कि पेट्रोलिंग कर फॉल्ट सही किया जा रहा है।
कतर्नियाघाट क्षेत्र में आंधी के बाद विद्युत लाइन को ठीक करते कर्मी।
कतर्नियाघाट क्षेत्र में आंधी के बाद विद्युत लाइन को ठीक करते कर्मी।