बहराइच। मिहींपुरवा तहसील के ग्राम भरथापुर के विस्थापित परिवारों के लिए बसाए जा रहे स्मार्ट ग्राम भरतपुर का सपना अब धीरे-धीरे हकीकत में बदलने लगा है। डीएम अक्षय त्रिपाठी के निर्देशन में कई विभाग मिलकर विस्थापित परिवारों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त आधुनिक गांव तैयार करने में जुटे हैं।
ग्राम भरतपुर में लोक निर्माण विभाग द्वारा आंतरिक गलियों के निर्माण का काम तेजी से कराया जा रहा है। पहले चरण में मिट्टी भराई का काम पूरा कर लिया गया है। अब गिट्टी डालकर रोड रोलर से सड़क को समतल किया जा रहा है। बिजली विभाग ने लगाने का काम पूरा कर लिया है, अब लाइन बिछाने का काम जारी है।
जल निगम की ओर से गांव में पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही तीन चिह्नित स्थानों पर सबमर्सिबल पंप के लिए बोरिंग का काम भी पूर्ण करा लिया गया है, ताकि विस्थापित परिवारों को स्वच्छ पेयजल मिल सके।
परियोजना निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि महिलाओं और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी छत स्तर तक पहुंच चुका है। यहां गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्री-प्राइमरी शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। बच्चों की पढ़ाई के लिए विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है।
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों का निर्माण भी शुरू हो चुका है। खंड विकास अधिकारी स्वयं कार्यस्थल पर मौजूद रहकर निर्माण कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
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कॉलोनी में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
विस्थापित परिवारों के लिए बसाई जा रही स्मार्ट ग्राम कॉलोनी को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक परिवार को 748 वर्गफुट भूमि पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा। कॉलोनी में बेहतर आवागमन के लिए सीसी रोड और जलनिकासी के लिए पक्की नालियों का निर्माण कराया जाएगा। बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल की व्यवस्था होगी, जबकि लोगों के मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों के लिए पार्क भी बनाया जाएगा। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारु रखने के लिए कोटेदार भवन का निर्माण भी कराया जाएगा।