बहराइच। रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त यात्रा कराने के परिवहन विभाग के दावे व तैयारियां पहले ही दिन बौनी साबित हो गईं। शुक्रवार सुबह से हो रही बारिश के कारण यात्रियों की संख्या कम रही, लेकिन दोपहर में मौसम बेहतर होते ही यात्रियों की उमड़ी से बहराइच बस अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। यात्रियों ने फ्री बस सेवा की सुविधा के लिए घंटों तक लाइन में इंतजार किया, लेकिन बसों में जगह के लिए मारामारी ने उन्हें मायूस किया।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है। 8 अगस्त से 10 अगस्त रात 12 बजे तक लागू इस व्यवस्था के तहत महिलाओं के साथ एक पुरुष सहायक को भी फ्री यात्रा का लाभ दिए जाने की घोषणा की गई थी। इसका लाभ उठाने के लिए रोडवेज बस अड्डे पर यात्री तो उमड़े, लेकिन रोडवेज प्रशासन की तैयारियां फेल नजर आईं।
शुक्रवार को सुबह से ही महिलाएं, बच्चे और उनके परिजन अपने-अपने गंतव्य को जाने के लिए रोडवेज बस अड्डे पहुंचे, लेकिन वहां बसों का टोटा रहा। यात्रियों का कहना था कि कई घंटे तक खड़े रहने के बाद भी उन्हें बस नहीं मिली। कुछ बसें आती भी थीं, तो भीड़ इतनी ज्यादा थी कि चढ़ना मुश्किल था। बसों में जगह पाने के लिए महिलाओं व बच्चों को धक्का-मुक्की का शिकार होना पड़ा।
कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ घंटों इंतजार करती रहीं, लेकिन उन्हें कोई बस नहीं मिली। लोगों ने कहा कि प्रशासन को बेहतर प्रबंधन करना चाहिए था। फ्री यात्रा की घोषणा अच्छी बात है, लेकिन जब बसें ही उपलब्ध न हों तो इसका क्या फायदा?
दोपहर में अचानक बढ़ी भीड़, अफसर बोले- बसें कम नहीं
इस पूरे अफरा-तफरी के बीच बहराइच रोडवेज के एआरएम ज्ञानचंद ने सफाई दी कि दोपहर से पहले तेज बारिश के कारण परिसर खाली था, लेकिन इसके थमते ही यात्री अचानक आ गए। उन्होंने कहा कि बसों की कोई कमी नहीं है, संचालन सुचारु है। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, हम रूट्स के हिसाब से बसें भेज रहे हैं।