फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bahraich News: बरसी राहत, खेती को मिली संजीवनी

विज्ञापन
फखरपुर में बारिश के बाद खेत में धान की रोपई करता किसान।
विज्ञापन
बहराइच। तराई में सोमवार भोर में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से राहत तो दी, लेकिन बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। शहर में लो वोल्टेज और ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित रहा। शहर के इतर ग्रामीण क्षेत्रों में खेती किसानी के लिए नई उम्मीद बनकर बादल बरसे। खेतों में नमी आने के बाद किसानों ने धान की रोपाई और खरीफ फसलों की तैयारियां तेज कर दी हैं।
विज्ञापन


भोर में चार बजे से करीब एक घंटे तक हुई बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों डॉ. पीएल त्रिपाठी के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि बारिश से मिली राहत अधिक देर तक नहीं टिक सकी। दोपहर तक बादल आते जाते रहे। दोपहर एक बजे निकली धूप से उमस बढ़ गई। इस बीच शहर में लो वोल्टेज और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।

बारिश के दौरान और उसके बाद शहर के मोहल्ला फ्रीगंज, नौवागढ़ी, घसियारीपुरा, दरगाह, गुलामअलीपुरा समेत कई मोहल्लों में बिजली की आंख-मिचौली और लो वोल्टेज की समस्या बनी रही। फ्रीगंज मोहल्ले में लो वोल्टेज की समस्या से पेयजल संकट खड़ा हो गया। वहीं महसी, पयागपुर, हुजूरपुर, नानपारा, मिहींपुरवा, चित्तौरा और अन्य ग्रामीण इलाकों में कई फीडरों की बिजली घंटों बाधित रही। उमस और बिजली कटौती के कारण लोगों को दैनिक कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


दूसरी ओर, बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई। खेतों में पर्याप्त नमी आने से धान की रोपाई और खरीफ फसलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. एसबी सिंह का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश होती रही तो खरीफ सीजन बेहतर रहेगा और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

मौसम विभाग ने फिर जताई बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में प्री मानसून आहट दे रहा है। अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक की संभावना है। विभाग के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में मानसूनी बारिश शुरू हो सकती है। लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें