भीषण गर्मी से परेशान तराई के लोगों को सोमवार सुबह हुई बारिश से काफी राहत मिली। इस दौरान आंधी चलने से कई जगह टिन शेड और छप्पर उड़ गए और पेड़ भी गिरे।
तेज वर्षा से बिजली व संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर की बाधित विद्युत आपूर्ति दोपहर बाद पटरी पर आ सकी। 18 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
बहराइच में माह भर से लोग भीषण गर्मी की चपेट में थे। दोपहर में चिलचिलाती धूप के चलते लोगों का घरों से निकल पाना मुश्किल हो रहा था। दो दिन पूर्व शुक्रवार रात अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के साथ बरसात हुई थी। इसके बाद सोमवार सुबह भी अचानक मौसम बदला और तेज हवा चलने लगी।
इससे बिजली के तारों में शार्ट सर्किट होने से कई जगह टिन शेड और छप्पर उड़ गए। सुबह 9:30 बजे के करीब झमाझम बरसात शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक तेज बरसात हुई। उसके बाद भी बूंदाबांदी होती रही। आंधी के साथ पानी बरसने से लोगों को काफी राहत महसूस हुई। लेकिन वर्षा ने शहर, कस्बे और गांवों में जलभराव जैसी स्थिति बन गई।
मौसम का मिजाज बिजली और संचार सेवाओं पर भी भारी पड़ा है। शहर की बिजली लगभग दो घंटे तक गुल रही। दोपहर बाद बिजली सप्लाई पटरी पर आ सकी। रिसिया, मिहींपुरवा, नानपारा, महसी, कैसरगंज और पयागपुर क्षेत्र में भी बिजली और टेलीफोन की लैंडलाइन सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
महसी के राजी चौराहा, किसानगंज, भगवानपुर क्षेत्रों में कई स्थानों पर पेड़ टूट कर गिर गए। फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि 18 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की है। मौसम में नमी 75 प्रतिशत हो गई जिसके चलते तापमान 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।