तराई में मौसम परिवर्तन जारी है। शुक्रवार सुबह से ही आसमान में छाए बादल सिर्फ मामूली बूंदाबांदी तक ही सिमटे रहे। हालांकि, मौसम वैज्ञानिक भारी बारिश की संभावना जता रहे हैं। इससे किसानों के चेहरे पर चमक बढ़ गई है। तापमान भी लुढ़क गया है। इससे उमस व गर्मी से राहत मिली है।
तीन दिन से छा रहे बादल लोगों को ललचा कर लौट जा रहे हैं। दिन में 15 से 20 मिनट बौछारें पड़ रही हैं। लेकिन फिर तेज धूप के कारण बढ़ी उमस लोगों की परेशानी का सबब बनी है। शुक्रवार सुबह से ही बादल छाये रहे। दोपहर में 12 बजे के आसपास बूंदाबांदी हुई। इसके बाद वर्षा थम गई। हालांकि, आसमान में बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह का कहना है कि तराई में उच्च दबाव का क्षेत्र बन रहा है। आगामी 24 घंटे में भारी वर्षा के संकेत मिल रहे हैं। अगर वर्षा हुई तो किसानों को बड़े पैमाने पर राहत पहुंचेगी। खेतों में सूख रही धान, गन्ना, मक्का और दलहनी फसलों को भी काफी फायदा पहुंचेगा।