बहराइच में गुरुवार को मेडिकल कालेज के पार्क में दोपहर बाद खिली धूप में बैठे लोग।
बहराइच। तराई में मौसम की उठा पटक का दौर लगातार जारी है। बृहस्पतिवार की सुबह जहां तराई कोहरे व सर्द हवाओं की चपेट में रही तो वहीं दोपहर में गुनगुनी धूप निकली। धूप निकलने से लोगोंं को गलन भरी ठंड से राहत मिली। हालांकि शाम होते-होते सर्द हवा के चलते तराई एक बार फिर गलन भरी ठंड की चपेट में आ गई।
तराई में मौसम की मार जारी है। हालांकि बृहस्पतिवार को बुधवार की अपेक्षा ठंड थोड़ी कम रही और अधिकतम तापमान में 4.6 डिग्री का इजाफा हुआ। बुधवार की रात तराई घने कोहरे व गलन की चपेट में रही और कोहरे का सिलसिला बृहस्पतिवार की सुबह तक जारी रहा। कोहरे के चलते सड़कों पर जहां दृश्यता कम रही और वाहनों की रफ्तार कम रही। कोहरे के साथ लगभग दो किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवा ने सुबह लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर किया।
कोहरा व गलन बढ़ने से जहां एक ओर सामान्य लोग परेशान हैं तो वहीं किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। नानपारा के हांडा बसहरी निवासी किसान कोईली प्रसाद, रामकुमार शुक्ल, कामेश्वर शुक्ल, धरसवां निवासी राज किशोर, जनार्दन आदि ने बताया कि गेहूं को सीधा फायदा होगा। किसानों ने बताया कि कोहरा पड़ने से गेहूं का प्रसार अच्छा होगा और उत्पादन बढ़ेगा। वहीं सरसों व आलू को पाला गिरने पर नुकसान होगा। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 20.6 व न्यूनतम 11.6 डिग्री रहा।
नहीं जले अलाव, कांपे लोग
फखरपुर। तराई में जारी भीषण ठंड के बीच बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन फखरपुर के कस्बा, बाजार, अस्पताल, भिलोरा मोड चौराहा, मरौचा, पटासिया आदि चौराहों पर अलाव जलते नहीं मिले। वहीं ठंड से बचाव के लिए वाहन चालक कूड़ा जलाकर हाथ सेंकते नजर आए। कस्बा निवासी हबीब, ननकू, रामसमुझ पाल, रमेश पांडे आदि ने बताया कि जिम्मेदारों की लापरवाही मुसीबत बन गई है।