होली के पर्व पर मिलावटखोरी अचानक बढ़ गई है। इस पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार से छापेमारी शुरू कर दी। शहर और ग्रामीण अंचलों में स्थित आधा दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों पर अधिकारियों ने छापेमारी की। इस दौरान शहर में खाद्य पदार्थों के 10 और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन नमूने लिए गए। सभी संदिग्ध नमूनों को सीज कर परीक्षण के लिए लखनऊ भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। छापे के दौरान कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों में ताला लगाकर खिसक गए।
बीते कई दिनों से मिलावटखोरी की शिकायत मिल रही थी। इस पर डीएम अजयदीप सिंह ने जिले की छह तहसीलों में जॉइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारियों की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों को गठित कर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया था।
डीएम के निर्देश पर बुधवार को डिप्टी कलेक्टर ट्रेनी आईएएस महेंद्र सिंह की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनंत स्वरूप व डॉ. रामतेज ने शहर के होटलों, किराने की दुकानों, वीमार्ट व घी के डिपो पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने चार मिष्ठान, दो पनीर, एक ड्राईफ्रूटस, एक मिल्क केक और दो देशी घी के संदिग्ध नमूने लिए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में हुई छापेमारी के दौरान तीन मिष्ठान के नमूने लिए गए।
विभाग के अभिहित अधिकारी संदीप चौरसिया ने बताया कि सभी संदिग्ध 13 नमूनों को सील कर जांच के लिए विधि प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।