रिसियामोड़ (बहराइच)। रिसिया के लखैया गांव निवासी एक ग्रामीण के नाम से फर्जी अंगूठा और फोटो लगाकर 1.30 लाख रुपये का लोन इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक डिहवा से ले लिया गया।
इसका खुलासा तब हुआ जब नवागंतुक शाखा प्रबंधक को ऋण फाइल में जांच के दौरान कमी मिली और उन्होंने ग्रामीण को नोटिस भेजा।
अब पीड़ित ग्रामीण ने पूर्व शाखा प्रबंधक को नामजद करते हुए थाने में तहरीर दी है। बैंक मैनेजर ने विभागीय जांच शुरू कर दी है।
रिसिया विकास खंड के ग्राम डिहवा स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में लखैया गांव निवासी रिक्खीराम पुत्र दुक्खीराम के नाम से फर्जी अंगूठा और फोटो लगाकर 1.30 लाख का ऋण अप्रैल में लिया गया है।
तत्कालीन शाखा प्रबंधक राहुल कुमार के समय हुए फर्जीवाड़े की भनक रिक्खीराम को नहीं लग सकी।
पांच दिन पूर्व नए शाखा प्रबंधक शीतला प्रसाद ने बैंक का कामकाज संभाला तो उन्होंने बैंक से इस वर्ष जारी ऋण की फाइलों को पलटना शुरू किया।
रिक्खीराम के नाम से बनी ऋण की फाइल में गारंटर फॉर्म गायब मिला। मुख्य आवेदन पर गारंटर के हस्ताक्षर भी नदारद थे।
इसके अलावा अन्य कमियां देखकर शाखा प्रबंधक ने रिक्खीराम को नोटिस जारी किया।
नोटिस मिलने पर रिक्खीराम के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह गुरुवार को बैंक पहुंचा तब पता चला कि उसके नाम से अप्रैल में 1.30 लाख रुपये का ऋण निकल चुका है।
रिक्खीराम ने शाखा प्रबंधक को ऋण न लेने की बात कही। इस पर प्रबंधक ने उसके अंगूठा निशान से आवेदन पत्र के अंगूठा निशान का मिलान कराया तो वह फर्जी निकला।
शाखा प्रबंधक भी सकते में आ गए। उन्होंने इस मामले में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
शाखा प्रबंधक शीतला प्रसाद का कहना है कि जांच के बाद जो भी दोषी जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
उधर, रिक्खीराम ने रिसिया थाने में पूर्व शाखा प्रबंधक राहुल कुमार के नाम तहरीर दी है। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।