तराई में ठंड बढ़ने के साथ कोल्ड डायरिया और निमोनिया कहर बरपाने लगा है। जिला अस्पताल में भर्ती कोल्ड डायरिया व निमोनिया से पीड़ित पांच बच्चों की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें दो रोगी श्रावस्ती के थे। वहीं बुखार और कोल्ड डायरिया के पीड़ित 16 और लोगों को भर्ती कराया गया है। इनमें दो रोगियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
तराई में तापमान तेजी से लुढ़का है। गुरुवार को भी पूरे दिन धूप नहीं निकली। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अचानक बढ़ी ठंड से कोल्ड डायरिया और निमोनिया का कहर शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या में इजाफा होने लगा है।
श्रावस्ती जिले में सिरसिया निवासी शिवम के डेढ़ वर्षीय पुत्र विकास को दो दिन पूर्व कोल्ड डायरिया की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं मल्हीपुर गिरंट निवासी जैलुर खान की एक वर्षीया पुत्री अलीशा की भी कोल्ड डायरिया से मौत हो गई।
भैंसहवा गांव के रहने वाले ढाई वर्षीय शिवा को तेज बुखार की शिकायत हुई। उसकी पसली भी चल रही थी। परिवारीजनों ने स्थानीय चिकित्सकों को दिखाया तो हालत गंभीर बताकर जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। आनन फानन में परिवारीजनों ने शिवा को अस्पताल पहुंचाया लेकिन वहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
तुलसीपुर चैलाही गांव निवासी प्रमिला (6) की भी निमोनिया से मौत हो गई। सिरकसया की रहने वाली एक वर्षीया रूपा को गुरुवार सुबह गंभीर हालत में परिवारीजनों ने जिला अस्पताल मेें भर्ती कराया था। इलाज के दौरान शाम को रूपा की तबियत बिगड़ गई। उसने दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डाक्टर केके वर्मा का कहना है कि बालिका निमानिया की चपेट में थी। उधर बुखार, कोल्ड डायरिया व निमोनिया से पीड़ित और 16 रोगी जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। इनमें राजेश (2) निवासी चिलवरिया और रामू (एक) निवासी विशेश्वरगंज की हालत नाजुक बताई जा रही है।