उर्रा (बहराइच)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज के अंतर्गत जगतापुर गुलहरिया गांव निवासी एक बालक शनिवार को दोपहर बच्चों के साथ गांव के पास बहने वाले नाला में स्नान करने गया था। जब वह कपड़े निकाल कर नाला में कूदने की तैयारी में था, तभी किनारे झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ ने हमला कर बच्चे को जबड़े में दबोच लिया। यह देख अन्य बच्चे शोर मचाते हुए भागे। जब तक गांव के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक मगरमच्छ बच्चे को नाले में खींच ले गया। करीब दो घंटे के बाद बच्चे का शव मिला तो कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची दो रेंजों की टीम ने जाल की मदद से हमलावर मगरमच्छ को भी पकड़ लिया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज अंतर्गत मोतीपुर थाना क्षेत्र में जगतापुर गुलहरिया गांव स्थित है। गांव के निकट मोहान नाला बहता है। गर्मी होने के चलते जगतापुर निवासी इरशाद (11) पुत्र छोटकन्ने दोपहर में अपने हमजोली साथियों के साथ गांव के पास बहने वाले नाले में स्नान करने चला गया। जब इरशाद कपड़े निकालकर किनारे खड़े होकर नाले में कूदने की तैयारी में था। तभी किनारे झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ ने हमला कर इरशाद को जबड़े में दबोच लिया। इरशाद की चीख सुनकर अन्य बच्चे सहम गए।
उन्होंने भागकर गांव में सूचना दी। परिवारीजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक मगरमच्छ इरशाद को नाले में खींच ले गया। इससे इरशाद का पता नहीं चल सका। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी आनंद आर्या टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से खोजबीन शुरू करवाई। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इरशाद का क्षत-विक्षत शव मिला तो परिवारीजन बिलख उठे। मौके पर पहुंचे मोतीपुर के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार मिश्रा ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उधर, मोहान नाले में रह रहा मगरमच्छ अरसे से ग्रामीणों व मवेशियों पर हमला कर रहा था। इस मामले में कई बार गांव के लोगों ने आवाज भी उठाई। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बालक के निवाला बनने के बाद वन विभाग चेता। घटना के बाद शनिवार को डीएफओ जीपी सिंह ने हमलावर मगरमच्छ को पकड़ने के लिए मोतीपुर और ककरहा रेंज के वनकर्मियों की टीम गठित की।
मोतीपुर के वन क्षेत्राधिकारी आनंद आर्य और ककरहा के वन क्षेत्राधिकारी इरफान की अगुवाई में वन दरोगा टीपीएन सिंह, विजय पाल, आनंद लाल, विजय पाल, डिप्टी रेंजर सत्रोहन लाल, एसटीपीएफ के बृजेश, अनिल पांडेय ने मौके पर पहुंचकर जाल की मदद से आधा किलोमीटर की दूरी में नाले को खंगाला। तीन घंटे बाद हमलावर मगरमच्छ को पकड़ा जा सका। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पकड़े गए मगरमच्छ को कतर्नियाघाट रेंज के महादेवा ताल झील में छोड़ा जाएगा।
परिवार को दी अहेतुक सहायता
मगरमच्छ के हमले में दम तोड़ने वाले इरशाद के घर पहुंचकर वन क्षेत्राधिकारी आनंद आर्या ने अहेतुक सहायता के रूप में पांच हजार रुपये दिए। वन क्षेत्राधिकारी ने कहा कि मुआवजे की कार्रवाई की जा रही है। शीघ्र ही मृतक आश्रितों को मुआवजा प्रदान कराया जाएगा।