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एसएसओ को परिवार समेत फूंकने की कोशिश

Thu, 16 Feb 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
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अाग लगने से जला मकान - फोटो : अमर उजाला
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मटेरा चौराहा बाजार निवासी पावर कॉर्पोरेशन के एसएसओ (सब स्टेशन अफसर) को बुधवार की रात आग लगाकर परिवारीजनों समेत जिंदा फूंकने की कोशिश की गई। संयोग से वह मकान के ऊपरी मंजिल पर सो रहे थे, जिससे परिवारीजन बाल-बाल बच गए। लेकिन घर के निचले हिस्से में रखा सारा सामान राख के ढेर में तब्दील हो गया।
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आग से नकदी समेत तीन लाख से अधिक की संपत्ति जली है। आसपास के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। पुलिस ने पीड़ित से तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी केस दर्ज नहीं हुआ है। 

कोतवाली नानपारा क्षेत्र के मटेरा चौराहा निवासी विनोद कुमार विश्वकर्मा रिसिया विद्युत उपकेंद्र पर सब स्टेशन ऑॅफिसर के पद पर तैनात हैं। वह प्रतिदिन मटेरा से रिसिया आते-जाते हैं। बुधवार को उपकेंद्र पर काम निपटाने के बाद वह घर पहुंचे।
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शाम को परिवारीजनों के साथ खाना खाकर मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में सो गए। इसी बीच देर रात करीब एक बजे मकान के निचले हिस्से में किसी ने आग लगा दी। जब मकान धू-धूकर जलने लगा, तब आसपास के लोगों के शोर मचाने पर छत के ऊपरी हिस्से में सो रहे विनोद व परिवारीजनों की नींद खुली। नीचे से धुआं और लपटें आती देख सभी सहम गए। किसी तरह परिवारीजनों को बाहर निकाला गया।

आसपास के लोगों की मदद से एक घंटे में किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन आग बुझाने और सामान बचाने के चक्कर में विनोद के दोनों हाथ झुलस गए। उन्हें निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया है। विनोद के मुताबिक उन्हें एक दिन पूर्व वेतन मिला था। रुपये घर में रखे हुए थे। इसके अलावा पत्नी के जेवरात, कपड़ा व अन्य सामान जलकर राख हो गया। आग से करीब तीन लाख का नुकसान हुआ है।

एसएसओ का कहना है कि घटना से शॉर्ट सर्किट नहीं हुई है। किसी ने जान बूझकर पूरे परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश की है। हालांकि किसी से रंजिश की बात नहीं बता रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू की है। प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। 

रात की घटना को याद कर विनोद सिहर उठते हैं। उनका कहना है कि प्रतिदिन पत्नी व चारो बच्चे मकान के निचले हिस्से में सोते थे। लेकिन बीती रात अचानक सभी ने ऊपर सोने की इच्छा जताई। संयोग था, जिसके चलते परिवार की जान बच गई।
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