फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो पत्नियों के बीच उलझी दरोगा पंकज की आत्महत्या की गुत्थी

Thu, 21 Apr 2016 09:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रावस्ती। क्राइम ब्रांच प्रभारी पंकज मिश्रा के आत्महत्या की गुत्थी दो पत्नियों के बीच उलझती जा रही है। मौत के बाद दो महिलाओं ने पंकज के शव को लेकर अपनी-अपनी दावेदारी की।
विज्ञापन


एक ने परंपरा के मुताबिक तो दूसरी ने पंकज से कोर्ट मैरिज की बात कही है। फिलहाल, पुलिस ने लाश को मां के हवाले कर दिया है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।

गौरतलब है कि श्रावस्ती के क्राइम ब्रांच प्रभारी पंकज मिश्रा ने मंगलवार रात अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनके कान में इयरफोन लगा मिला था।
विज्ञापन


पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवाई तो पता चला कि आत्महत्या से पहले पंकज ने एक घंटा दस मिनट तक प्रतापगढ़ की निवासी रीतू मिश्रा से बात की थी। मौत की सूचना पर पंकज की मां परिवार के साथ श्रावस्ती पहुंचीं।

संतकबीरनगर (खलीलाबाद) के थाना धर्म सिंहवा अंतर्गत ग्राम वारघाट निवासी सुषमा मिश्रा ने खुद को पंकज की पत्नी बताते हुए शव सौंपे जाने की मांग की। इसी बीच प्रतापगढ़ की रीतू मिश्रा भी पहुंच गई। उसने भी खुद को पंकज की पत्नी बताया और लाश सौंपे जाने की मांग की गई। ये देख पशोपेश में पड़ी पुलिस ने पंकज की मां को शव सौंप दिया है।

परिवार में नहीं कोई पुरुष

पंकज कुमार मिश्रा के पिता सतीश चंद्र मिश्रा पुलिस विभाग में आरक्षी थे। उनकी हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। उनकी मौत के    बाद परिवार में पंकज, पत्नी सुषमा, मां व दो बहन हैं। इनमें से बड़ी बहन की शादी हो  चुकी है। वहीं, छोटी बहन अभी एमबीए की पढ़ाई कर रही है। पंकज मिश्र को सुषमा से एक पुत्री और रीतू से भी एक पुत्री है। मंगलवार रात घटी घटना के बाद घर का चिराग ही बुझ गया है।

रीतू से की थी कोर्ट मैरिज

प्रतापगढ़ की मूल निवासिनी रीतू मिश्रा का कहना है कि पंकज मिश्र ने उससे कोर्ट मैरिज की थी। मौजूद समय वह लखनऊ में किराए का मकान लेकर रह रही है। उसने लाश को अपनी सुपुर्दगी में ले जाने की मांग की थी लेकिन मृतक की मां, बहन व पत्नी सुषमा की मांग पर लाश को उनके पैतृक गांव भेजा गया है। फोरेंसिक टीम सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।  
विज्ञापन

- वीपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें