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मां को बचाने के लिए मुंह से ऑक्सीजन देती रहीं बेटियां

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बहराइच। शहर क्षेत्र निवासी एक महिला की हालत शनिवार रात को खराब हुई। महिला को उसकी बेटियां अस्पताल लेकर आईं। इमरजेंसी में महिला को भर्ती किया गया, लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। इस पर मां को बचाने के लिए दो बेटियां मुंह से ही ऑक्सीजन देने लगीं। लेकिन बेटियों का प्रयास रंग नहीं लाया। कुछ ही देर में महिला की मौत हो गई। परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए। वहीं मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन की कमी और अव्यवस्था को लेकर जिलेवासियों में नाराजगी है। सभी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई करके ऑक्सजीन उपलब्ध होने की बात कह रहा है।
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स्वशासी राज्य मेडिकल कालेज संबंद्ध महर्षि बालार्क जिला अस्पताल में शनिवार रात 8.30 बजे के आसपास एक महिला को लेकर परिवारीजन पहुंचे। महिला की हालत काफी खराब थी। इसी दौरान महिला का ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया। महिला की दो पुत्रियां ऑक्सीजन के लिए भटकने लगीं। लेकिन ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं हो सका। इस पर महिला की दो बेटियां बारी-बारी से उसके मुंह में हवा देने लगीं। लेकिन बेटियों का प्रयास रंग नहीं लाया। कुछ देर बाद ही महिला की ऑक्सीजन के अभाव में मौत हो गई।
परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए। बेटियों द्वारा मुंह से ऑक्सीजन दिए जाने का वीडियो अस्पताल में मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया। मुंह से ऑक्सीजन देने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया। देखते ही देखते सुबह तक वीडियो पूरे प्रदेश में वायरल होने लगा। सोशल मीडिया पर बेटियों द्वारा दिए जा रहे ऑक्सीजन को लेकर लोगों में तरह-तरह से उबाल है।
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लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध होने की बात कह रहा है। जबकि अस्पताल में ऑक्सीजन ही नहीं है। ऐसे में लोग ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। लेकिन ऑक्सीजन उपलब्धता के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन लीपापोती में लगा रहता है।
इमरजेंसी में मौजूद महिला को बचाने के लिए उनकी दो बेटियां मुंह से ऑक्सीजन देती रहीं। दोनों बेटियां बारी-बारी से ऑक्सीजन देकर मां को जीवन देने का प्रयास कर रही थीं। लेकिन काफी कोशिश के बाद भी बेटियां अपनी मां को नहीं बचा सकीं। बेटियों के प्रयास को सोशल मीडिया पर जमकर सराहा जा रहा है।
शहर क्षेत्र निवासी महिला को उसके परिवार के लोग मेडिकल कालेज के इमरजेंसी ले आए थे। हालत काफी गंभीर थी। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. सईद ने देखा, लेकिन बीमारी समझ में नहीं आया। इस पर प्रोफेसर डॉ. आशीष अग्रवाल और डॉ. एके वर्मा भी पहुंचे। ऑक्सीजन की व्यवस्था हो रही थी। लेकिन कुछ देर में ही महिला की मौत हो गई। इसी दौरान किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
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डॉ. डीके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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