बाल विवाह के लिए गुरुवार को जमुनहा के लालबोझा दर्वेश गांव में आई बारात पुलिस के आने पर लौट गई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बारातियों ने स्वीकार किया कि उन्हें बाल विवाह की जानकारी नहीं थी। शादी के लिए आए लड़के की उम्र बारह व लड़की की उम्र नौ साल है।
बाल विवाह का प्रचलन जिले में अभी भी है। इस तरह का नजारा जमुनहा के लालबोझा दर्वेश के मजरा लालबोझा गांव में देखने को मिला। यहां गुरुवार को नागेश्वर सोनकर की लड़की का विवाह था।
बारात बहराइच जिले के नवाबगंज के तिवारी गांव निवासी लच्छीराम सोनकर के यहां से आई थी। लच्छीराम के बेटे संदीप (12) का विवाह लालबोझा दर्वेश गांव के मजरा लालबोझा निवासी नागेश्वर सोनकर की पुत्री सीमा (9) से होना था।
बारात घर आने के बाद द्वारपूजा होते ही बाल विवाह की जानकारी किसी व्यक्ति ने डायल 100 पर दे दी। इसके बाद पहुंची पुलिस बाल विवाह कराने वाले वर व वधू पक्ष को मल्हीपुर थाने ले आई। जहां वर पक्ष के लच्छीराम ने बाल विवाह के बारे में जानकारी न होने की बात कहकर माफी मांगी।
इस पर मल्हीपुर पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता करा कर बाल विवाह न कराने का शपथ पत्र लेकर दोनों पक्षों को घर जाने दिया। समझौते के बाद दोनों पक्ष विवाह न करने की बात कह बारात वापस घर ले गए। इस संबंध में मल्हीपुर थाना प्रभारी सुजीत कुमार राय ने बताया कि दोनों पक्षों ने समझौता करके विवाह न करने का शपथ पत्र दिया है। इसके बाद दोनों पक्षों को छोड़ दिया गया है।