फखरपुर (बहराइच)। बंगलूरु की एक कंपनी ने जनपद के नवयुवकों से बड़ी धोखाधड़ी की है। आरोप है कि कंपनी ने पहले युवकों का भरोसा जीता फिर एक करोड़ रुपये डकार लिए। पीड़ित की शिकायत पर थाने में एफआईआर नहीं लिखी गई तो उसने कप्तान से गुहार लगाई। इसके बाद उनके आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने कंपनी के महाप्रबंधक पर मुकदमा दर्ज किया है। अफसरों के मुताबिक, मामले की छानबीन की जा रही है।
भकला डीहा कुंडासर, फखरपुर के सुरेंद्र कुमार पांडेय की शिकायत पर पुलिस ने महाप्रबंधक, जीई ग्रुप, 7-ब्रिज मेट्रोपोलिस, गुरुढाचार, पाल्या महादेवपुरा, बंगलूरू के खिलाफ धारा 119, 420 व सूचना प्रौद्यौगिकी अधिनियम-2008 की धारा 66 डी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपों के मुताबिक, सुरेंद्र कुमार पांडेय के मोबाइल पर एक मार्च को मेसेज आया कि उक्त ग्रुप से जुड़कर प्रति महीने एक से तीन हजार रुपये तक कमा सकते हैं। बहकावे में आकर सुरेंद्र कुमार पांडेय ने 550 रुपये यूपीआई के माध्यम से जमा किए और ग्रुप से जुड़ गये। शुरू में ग्रुप ने सुरेंद्र कुमार को अंशदान के रूप में रकम भेजी। जब सुरेंद्र को ग्रुप पर विश्वास हो गया तो उन्होंने 126208 रुपये का निवेश कर दिया।
इसके बाद ग्रुप लिंक के माध्यम से सैकड़ों युवक इस कथित कंपनी से जुड़ गये। पीड़ित के अनुसार, नये जुड़े सदस्यों ने करीब एक करोड़ रुपये का निवेश किया। बड़ी राशि जमा होने के बाद ग्रुप ने अंशदान भेजना बंद कर दिया। सुरेंद्र कुमार व अन्य युवकों ने ग्रुप को अंशदान भेजने के लिए कई मेसेज किए, लेकिन जवाब नहीं मिला। सच्चाई जानने के बाद भुक्तभोगी शिकायत करने थाने पहुंचे तो कोई सुनवाई नहीं हुई। बाद में सुरेंद्र कुमार पांडेय ने कप्तान को आपबीती सुनाई तब जाकर मामला दर्ज हुआ। पुलिस छानबीन कर रही है।