गायघाट (बहराइच)। मिहींपुरवा तहसील की ग्राम पंचायत बोझिया में निर्माण के दस साल बाद एकलव्य विद्यालय का शुभारंभ हुआ है। आदिवासी जनजाति के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा दिलवाने के उद्देश्य से ही एकलव्य आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य हुआ था। दस साल बाद सांसद बहराइच अक्षयवर लाल गोंड ने सोमवार को फीता काटकर विद्यालय का शुभारंभ किया। हालांकि अध्यापकों व अन्य जरूरी स्टाफ की तैनाती न होने के कारण विद्यालय में शिक्षण कार्य कैसे होगा इसे लेकर जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं।
निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद भी शिक्षण कार्य शुरू करने के लिए जरूरी स्टाफ व अन्य संसाधन न मिल पाने के कारण विद्यालय के द्वार अभी तक बंद थे। सोमवार को विद्यालय के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे सांसद अक्षयवर लाल ने कहा कि विद्यालय में शिक्षण कार्य शुरू होने से इस पूरे इलाके के अनुसूचित जनजाति के बच्चों का भविष्य संवरेगा। साथ ही इन गरीब बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को भी उभार कर सबके सामने लाने का फायदा भी मिलेगा। स्थानीय लोगों ने वर्षों बाद विद्यालय भवन का उद्घाटन हो जाने पर खुशी जतायी है। इस मौके पर कई बच्चों से प्रवेश फार्म भरवा कर उनकी प्रवेश प्रक्रिया को भी शुरू किया गया।
निर्माण के दस साल बाद जिले विद्यालय भवन का लोकार्पण सोमवार को क्षेत्रीय सांसद ने किया, वहां शिक्षण कार्य शुरू हो पाने पर संशय कायम है। विद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है अभी तक विद्यालय में शिक्षक व अन्य स्टाफ की तैनाती तक नहीं हुई है। बिना जरूरी संसाधनों व अधूरी तैयारियों के बीच शुरू हुए विद्यालय में पठन पाठन कराना एक बड़ी चुनौती होगा। वर्तमान में विद्यालय में केवल प्रधानाचार्या के बतौर यूके सिंह और वरिष्ठ लिपिक ऋषि प्रताप सिंह की ही तैनाती हुई है। शिक्षकों व अन्य स्टाफ के बाकी सभी पद खाली हैं।