बहराइच। लोक निर्माण विभाग ने जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 164 सड़कों के निर्माण और मरम्मत की कार्ययोजना तैयार कर ली है। खास बात यह है कि इन सड़कों के लिए जिले के सात विधायकों ने प्रस्ताव दिया था। इन्हीं प्रस्तावों को समाहित कर कार्ययोजना बनाई गई है। जिले में सात सड़कों की मरम्मत होनी है। साथ ही 235 किलोमीटर नई सड़कें बनेंगी। इस काम पर 320 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बजट जारी कराने के लिए कार्ययोजना शासन को भेजी जा रही है।
बहराइच सदर विधानसभा क्षेत्र के लिए 19 सड़कों की कार्ययोजना तैयार की गई है। इनमें से तीन सड़कों का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण होना है। सभी सड़कों को मिलाकर कुल लंबाई 32.5 किमी. है। इन सड़कों पर 44.48 करोड़ रुपये खर्च होंगे। महत्वपूर्ण सड़कों में अस्पताल चौराहे से पुलिस अधीक्षक आवास तक और पुलिस लाइन मार्ग है। इनका चौड़ीकरण होना है। इस पर दो करोड़ 35 लाख रुपये खर्च आएगा। एनएच-730 के किमी. 270 से बहराइच-फैजाबाद मार्ग तक भी चौड़ीकरण होना है जिस पर आठ करोड़, 25 लाख रुपये खर्च होंगे। कलेक्ट्रेट से जिला अस्पताल व डिगिहा चौराहा होते हुए दुनक्का तक चौड़ीकरण पर 11.68 करोड़ लागत आएगी। बाकी सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
पयागपुर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक सड़कें बनेंगी। यहां 49 करोड़ की लागत से 35 सड़कें बनाई जाएंगी। इसके अलावा सात लघु सेतु हैं। कार्ययोजना में सर्वाधिक सड़कों का प्रस्ताव पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी ने दिया है। पयागपुर में बनने वाली सभी सड़कें नई हैं। यहां पर किसी भी सड़क का चौड़ीकरण या सुदृढ़ीकरण नहीं कराया जा रहा है। शासन को भेजी जाने वाली कार्ययोजना के मुताबिक पयागपुर विधानसभा क्षेत्र में नई बनने वाली सड़कों की लंबाई करीब 45.20 किलोमीटर है। फिलहाल इस कार्ययोजना में पयागपुर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली सड़क पयागपुर-राजापुर मार्ग का उल्लेख नहीं है। यहां से विधायक सुरेश्वर सिंह की ओर से प्रस्तावित सड़कें मंजूर हो गईं हैं। यहां पर बनने वाली सड़कों की लंबाई 36.80 किलोमीटर है। सर्वाधिक खर्च महसी की सड़कों पर ही होगा। यहां पर बनने वाली सड़कों पर 52.09 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें रमपुरवा-शिवपुर-इमामगंज-नानपारा मार्ग का चौड़ीकरण भी शामिल है। इसकी लंबाई 8.05 किमी. है। अनुमानित लागत 24 करोड़ के आसपास है।
बलहा विधानसभा क्षेत्र से विधायक सरोज सोनकर की ओर से प्रस्तावित 22 सड़कें हैं। इसके अलावा लघु सेतुओं की संख्या तीन हैं। यहां बनने वाली सड़कों और सेतुओं पर करीब साढ़े 51 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। प्रस्ताव के मुताबिक, सरोज सोनकर की लगभग सभी सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों की हैं।
मटेरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक मारिया शाह ने एक भी प्रस्ताव नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मारिया शाह ने अब तक एक भी सड़क बनाने की सिफारिश नहीं की है। इस विधानसभा क्षेत्र के लिए सांसद अक्षयवर लाल गोंड ने स्वयं प्रस्तावक बनकर 29 सड़कों के नवनिर्माण की सिफारिश भेजी थी। सांसद के प्रस्तावों पर करीब 33.44 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है। 31.22 किमी. सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है।
कैसरगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक आनंद कुमार यादव ने 22 सड़कों के निर्माण की सिफारिश की है। यहां नौ करोड़, 40 लाख रुपये की लागत से पांच सेतु भी बनेंगे। इन सड़कों और सेतुओं पर कुल लागत 39.78 करोड़ रुपये आएगी। जिले में समाजवादी पार्टी से दो विधायक हैं। मारिया शाह ने अब तक कोई प्रस्ताव नहीं दिया है जबकि आनंद कुमार यादव के प्रस्ताव की कार्ययोजना तैयार हो गई है।
नानपारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामनिवास वर्मा ने तीन सड़कों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव दिया था। इन सड़कों की लंबाई 17.46 किमी. है। इनमें तीन बड़ी सड़कें बननी हैं। नई बनने वाली सड़कों की लंबाई 3.35 किलोमीटर है। इन सड़कों पर 49.21 करोड़ रुपये खर्च आएगा। सबसे कम सड़कों का प्रस्ताव नानपारा विधानसभा क्षेत्र से ही है।
164 सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना भेजी जा रही है। सभी प्रस्ताव विधायकों के हैं। सड़कों पर 320 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शासन से मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। -एके वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग