बहराइच/गायघाट। नेपाल बॉर्डर से सटे बर्दिया गांव में मवेशी चरा रहे ग्रामीण पर बाघ ने हमला कर दिया। आसपास मौजूद ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते तब तक बाघ ने ग्रामीण को मार डाला। लोग हांका लगाकर दौड़े तो बाघ जंगल की ओर भाग गया। घटना की सूचना पर वन विभाग व पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के कतर्नियाघाट रेंज का अधिकांश गांव जंगल से सटा हुआ है। जंगल से सटे गांव के ग्रामीणों पर जंगली जानवरों के हमले का खतरा हमेशा बना रहता है। बुधवार सुबह सुजौली थाना क्षेत्र के बर्दिया गांव निवासी 65 वर्षीय देशराज पुत्र पाटन मवेशी को चरा रहे थे। इस दौरान जंगल से बाघ निकल आया और ग्रामीण पर हमला कर दिया।
जब तक आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते तब तक बाघ ने ग्रामीण को मार डाला। ग्रामीण की चीख-पुकार सुनकर अन्य लोग हांका लगाते हुए दौड़े तो बाघ जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक ग्रामीण की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस और वन विभाग की टीम को दी गई। सूचना मिलते ही वन अधिकारी, कतर्नियाघाट व सुजौली पुलिस मौके पर पहुंची। बाघ के हमले में ग्रामीण की मौत की सूचना पर उसके घर में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने परिजनों को सांत्वना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि घटनास्थल और गांव के आसपास स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स व रेंज स्टाफ के जवान तैनात कर दिए गये हैं। टीम लगातार गश्त कर रही है। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
बर्दिया गांव निवासी ग्रामीण की बाघ के हमले में मौत की सूचना संज्ञान में है। सूचना मिलने के बाद वहां पर टीमें लगा दी गई हैं। मृतक ग्रामीण के परिजनों को मुआवजा दिलाया जाएगा। ग्रामीणों से अपील भी की गई है कि जंगल की ओर जाने से बचें। प्रयास करें कि जंगल की ओर न जाना पड़े। ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
- आकाशदीप बधावन, डीएफओ, कतर्नियाघाट