बहराइच। योगी सरकार 2.0 के गठन के बाद जिले में एक विधानसभा सीट पर चुनाव लड़े रनर और विनर के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। जिले की मटेरा विधानसभा सीट से बीजेपी से प्रत्याशी रहे कुंवर अरुणवीर सिंह ने जहां एक तरफ विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों प्रधानों के खिलाफ अनियमितता की शिकायत कर जांच शुरू करा दी है वहीं इस सीट से पहली बार विधायक बनीं मारिया शाह ने भी मोर्चा खोल दिया है। वह प्रधानों के बचाव में उतर आईं हैं और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर प्रधानों को भुगतान करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अरुणवीर सिंह बदले की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया कर्मियों से कहा कि दो कारणों से जांचें कराई जा रही हैं। पहला बीजेपी से एमएलसी प्रत्याशी प्रज्ञा त्रिपाठी को जिताने के लिए प्रधानों पर दबाव बनाना और दूसरा इन ग्राम सभाओं से अरुणवीर सिंह को वोट नहीं मिला। इसी वजह से वह बदले की भावना से जांच करा रहे हैं।
गौरतलब है कि मारिया शाह पहली बार मटेरा से विधायक चुनी गईं हैं। उनके विधायक बनने के बाद यह पहला मौका है जब वह खुलकर सामने आईं हैं। उनके साथ जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव और तमाम पार्टियों के नेता जिलाधिकारी के पास पहुंचे और ज्ञापन दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस प्रकरण को लेकर पत्र लिखा है।
मटेरा विधायक मारिया शाह ने अरुणवीर सिंह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मैं सिर्फ इतना कह सकती हूं कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे। अब अरुणवीर उन जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई कराना चाहते हैं जिन्होंने चुनाव के समय उनका समर्थन नहीं किया। वह किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगी।
एमएलसी का चुनाव चल रहा है। सत्तारूढ़ दल के सदस्यों द्वारा क्षेत्र पंचायत सदस्यों को फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है ताकि उनके ऊपर वोटिंग का दबाव बनाया जा सके। बीडीसी व प्रधानों पर दबाव बनाया जा रहा है। उत्पीड़न की स्थिति में हम सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर करेंगे। इस सरकार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने पूर्व विधायक अरुणवीर सिंह की शिकायत पर मटेरा के विकास खंड क्षेत्रों में मनरेगा, राजवित्त एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत कराए गए कार्यों की जांच कराने का निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक, गुणवत्ता और मानकों की जांच होगी। जांच के लिए विकास खंडवार त्रिस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। प्रकरण की तकनीकी और भौतिक जांच कर कमेटियां संयुक्त जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगी। चार विकास खंड क्षेत्रों में नवाबगंज, चित्तौरा, तेजवापुर और रिसिया ब्लॉक शामिल हैं। सभी ग्रामसभाएं मटेरा विधानसभा सीट से जुड़ी हैं।
नवाबगंज ब्लॉक के नौ गांव जांच की जद में हैं। इसमें बिरईगांव, सतीजोर, बनकसही, मिर्जापुर तिलक, गोविंदापुर पंडित, सिसैय्या, पीर नसरुद्दीन, शिवपुर सेमरा व उमरिया शामिल हैं। चित्तौरा ब्लॉक के सिंगहा, कुरवारी, टेपरहा, लौकना, फुलवरिया, चाकूजोत, कटिलिया भूपसिंह, मकोलिया, परेवाखान, इटकौरी, जलाल पट्टी व उंचवा पुरैनी शामिल हैं। तेजवापुर ब्लॉक के सात गांव हैं। इनमें बौकहा, झिंगहा, जमला जोत, सरपतहा, भोगियापुर, रामगांव, धोबिहा व बसौना हैं। रिसिया ब्लॉक के बभनी सैदा, करनियां, भोपतपुर चौकी, अलीनगर खुर्द, भवनियापुर रामगढ़ी, डिहवा, बैजनाथपुर, भगवानपुर कटघटरा, अमवा जौहर सिसई, नरसिंहडीहा, पुरे अलमस्तखां, सैदा, चरसंडा माफी, रायपुर कबुला, मोहरबा और हुसैनीपुरवा शामिल हैं।
मारिया शाह ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन के साथ अरुणवीर सिंह के बेटे कर्णवीर सिंह के फेसबुक के स्क्रीन शॉट की छायाप्रति भी सौंपी। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद अरुणवीर सिंह के बेटे ने फेसबुक के माध्यम से मटेरा के प्रधानों, कोटेदारों और भट्ठा संचालकों को धमकी दी थी। उन्होंने मांग की कि इस धमकी पर कार्रवाई की जाए।
पूर्व विधायक ने जो भी शिकायतें की हैं, जांच कमेटी गठित कर उनकी जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी। सब कुछ मानक के मुताबिक मिलेगा तो कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। - डॉ. दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी, बहराइच।