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80 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य भेदना चुनौती

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बहराइच। विधानसभा चुनाव को सकुशल संपन्न करवाने के साथ जिला प्रशासन मतदान प्रतिशत बढ़ाने का भी अभिनव पहल कर रहा है। जिला प्रशासन ने खुद 80 प्रतिशत से ऊपर के मतदान प्रतिशत को बढ़ाने का लक्ष्य बनाया है। जिसे हासिल करने के लिए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को जागरुकता अभियान में लगा दिया है, लेकिन यह लक्ष्य जिला प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। अगर पिछले विधानसभा चुनाव 2017 की बात करें तो जिला प्रशासन लगभग 20 प्रतिशत से अधिक मतदान प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। साल 2017 में 58.85 प्रतिशत रहा।
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मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने 80 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित कर प्रयास शुरु कर दिया है। प्रशासन की ओर से लगातार स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाताओं को जागरुक किया जा रहा है, लेकिन अगर पिछले पांच विधानसभा चुनावों की बात की जाए तो जिला प्रशासन का यह कार्य बेहद चुनौती भरा है। पिछले पांच विधानसभा चुनावों में कभी भी जिले का मतदान प्रतिशत 62 प्रतिशत से अधिक नहीं हो पाया है। बात अगर विधानसभा चुनाव 1996 की करें तो इस बार लगभग 57.58 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिसमें सबसे ज्यादा फखरपुर विधान सभा में 67.16 प्रतिशत वोटिंग हुई थी और सबसे कम वोट 52.66 प्रतिशत चरदा विधानसभा में पड़ा था।
2002 के विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत घट गया और जिले भर में लगभग 55.83 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें सबसे ज्यादा फखरपुर विधान सभा के लिए 60.88 प्रतिशत व सबसे कम चरदा विधानसभा के लिए 52.27 प्रतिशत वोट पड़े। 2007 के विधानसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत काफी नीचे खिसक गया और जिले भर में लगभग 43.23 फीसदी ही मत पड़े। सबसे कम चर्दा विधानसभा में 37.06 प्रतिशत मतदान हुआ था। कैसरगंज विधानसभा में 41.45, फखरपुर में 45.39, महसी में 48.05 व नानपारा विधानसभा में 44.24 प्रतिशत वोट पड़े।
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2007 के विधानसभा चुनाव तक जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र कैसरगंज, फखरपुर, महसी, नानपारा व चरदा थी। 2007 के विधानसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत लगभग 43.23 प्रतिशत रहने के बाद 2012 में नई विधानसभा बनाने के साथ ही कई विधानसभाओं के नाम बदल दिए गए। जिसके बाद 2012 के विधानसभा चुनाव में तेजी से बढ़कर 59.62 प्रतिशत पहुंच गया। जिसमें बलहा विधानसभा में 60.97 प्रतिशत, नानपारा में 58.80 प्रतिशत, मटेरा में 60.06 प्रतिशत, महसी में 61.87 प्रतिशत, सदर में 56.23 प्रतिशत, पयागपुर में 61.65 प्रतिशत व कैसरगंज में 57.77 प्रतिशत वोटिंग हुई। लेकिन अगले ही विधानसभा चुनाव 2017 में वोटिंग प्रतिशत फिर से एक प्रतिशत कम हो गया और 58.85 प्रतिशत मतदान हुआ।
इस बार के विधानसभा चुनाव 2022 में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर प्रयास किए जा रहे हैं। 80 प्रतिशत मतदान के इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मतदाताओं के घर-घर संपर्क कर उनके नैतिक कर्तव्य का बोध करवाया जा रहा है। बीएलओ मतदाताओं को घर-घर मतदाता पर्ची बांट रहे हैं और साथ ही मतदाताओं को मतदाता जागरुकता गाइड भी बांटी जा रही है। ताकि मतदाता मतदान संबंधी जानकारी हासिल कर 27 फरवरी को मतदान करने बूथों पर पहुंचे। वहीं जिले की 13 हजार से अधिक समूह सखियों, 1045 ग्राम प्रधानों, जिले के सभी विद्यालयों की ओर से भी मतदाता जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। ताकि जिले के मतदान लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
बीएलओ के साथ लगातार बैठक की जा रही है। जिले के हर मतदाता तक विभिन्न माध्यमों से पहुंच कर उनके नैतिक कार्य के प्रति जागरुक किया जा रहा है। जिला प्रशासन के सभी विभाग व कई एनजीओ जागरुकता कार्य में लगे हैं। हम लक्ष्य जरुर हासिल करेंगे।
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डॉ. दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी
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