बहराइच। केंद्रीय मंत्री के बेटे को जमानत मिल गई। यह जानकारी होने के बाद से मन बहुत दुखी है। केंद्रीय मंत्री के ऊपर जब सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी तभी से सरकार के ऊपर से भरोसा उठ गया था। केंद्रीय मंत्री के बेटे को इतनी जल्दी जमानत मिल गई। इससे लगता है कि या तो मेरे वकील की पैरवी कमजोर पड़ गई या वकील पर सत्ता का दबाव पड़ गया होगा। इस सरकार में सब कुछ मुमकिन है। जब तक फांसी नहीं मिलती तब तक चैन नहीं मिलेगा। यह दर्द लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों के परिजनों का है।
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में तीन अक्टूबर, 2021 में हिंसा हो गई थी। हिंसा में नानपारा तहसील क्षेत्र के किसान दलजीत सिंह व गुरविंदर की मौत हो गई थी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र पर किसानों पर जीप चढ़ाने का आरोप लगा था। पुलिस जांच के आधार पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र को पुलिस ने जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय ने गृह राज्य मंत्री के पुत्र को जमानत दे दी। जमानत मिलने की जानकारी होते ही मृतक किसानों के परिवार के लोग रोने लगे। इनका कहना है कि इस सरकार में उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। परिजनों का आरोप है कि सरकार के दबाव के चलते ही आरोपी की जमानत मंजूर हुई है। मृतक किसान दलजीत की मां ने कहा कि आशीष को इतनी बड़ी घटना के लिए फांसी की सजा मिलनी चाहिए। जब तक फांसी की सजा नहीं मिलेगी तब तक चैन नहीं मिलेगा। यह कहकर किसान की मां फफक-फफक कर रोने लगी। केंद्रीय मंत्री के बेटे की जमानत के बाद मृतक किसानों के परिजन काफी दुखी हैं।