बहराइच। ठाकुर हुकुम सिंह किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नक्सली गतिविधियों में शामिल प्रवक्ता की जांच पूर्ण कर रिपोर्ट राज्यपाल व कुलपति को भेज दी गई है। अब नक्सली गतिविधियों में शामिल छात्रों पर भी नकेल कसने की तैयारी है। महाविद्यालय प्रशासन ने ऐसे लगभग एक दर्जन छात्रों को चिह्नित कर लिया है।
किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मध्यकालीन इतिहास विभाग के सहायक प्रवक्ता आशुतोष शुक्ल पर महाविद्यालय परिसर में नक्सली गतिविधियां संचालित करने के आरोप लगे थे। प्रवक्ता द्वारा शिक्षकों से मारपीट की घटनाएं भी आम हो चलीं थीं। महाविद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों से मिली शिकायत के आधार पर कुलपति ने जांच के आदेश दिए थे। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा समिति गठित कर जांच पूर्ण कर रिपोर्ट राज्यपाल व कुलपति को भेज दी गई है। अब महाविद्यालय प्रशासन द्वारा नक्सली गतिविधियों में शामिल छात्रों पर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। महाविद्यालय में वामपंथी संगठन एआईएसएफ से जुड़े छात्र नेता सूफियान खान समेत अन्य छात्रों को चिह्नित किया गया है। महाविद्यालय द्वारा कराई गई जांच में प्रवक्ता समेत छात्रनेता भी गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए गए हैं।
महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव मेजर डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि एआईएसएफ के छात्रनेता मो. सूफियान खान तथा उनके साथी जेएनयू की तर्ज पर महाविद्यालय में देश विरोधी स्वर बुलंद कर रहे हैं। ये लोग राष्ट्र विरोधी एवं नक्सली विचारधारा को अपनाते हुए देश विरोधी नारे लगाने के साथ ही भारत के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की नीतियों के विरुद्ध असंसदीय व अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं। इससे सभी राष्ट्रवादी शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं काफी आहत हैं।
नक्सली गतिविधियों में शामिल एआईएसएफ के छात्रनेता मो. सूफियान द्वारा बीती 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर केडीसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विवादित शपथ पत्र भी डीएम को सौंपा गया था। इस पर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र काफी बिफरे भी थे। हालांकि, मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के संचालन के लिए महाविद्यालय को अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। महाविद्यालय का गौरव बरकरार रखा जाएगा। नक्सली गतिविधियों में शामिल छात्रों की पहचान कर ली गई है। शीघ्र ही इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- मेजर डॉ. एसपी सिंह, सचिव, केडीसी, बहराइच