बहराइच। उद्यान विभाग से मिली योजना की धनराशि हड़पने के लिए व्यापारी ने लूट की साजिश रच दी। फर्जी स्क्रिप्ट तैयार कर व्यापारी थाने पहुंचा और लूट की दास्तां बयां की। लूट की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पूरा मामला फर्जी पाया गया। उम्र का लिहाज करते हुए पुलिस ने व्यापारी को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
रिसिया थाना क्षेत्र के तमसातरहर गांव निवासी 53 वर्षीय उग्रसेन ने मधुमक्खी पालन करने के लिए उद्यान विभाग में आवेदन किया था। आवेदन पर उद्यान विभाग की ओर से व्यापारी को 87 हजार रुपये आवंटित किया गया था। बुधवार दोपहर वह विकास भवन के पास स्थित स्टेट बैंक से पैसे निकालकर बाइक से अपने घर के लिए रवाना हुआ। इसके बाद मंगलवार देर रात वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ दरगाह थाने पहुंचा और लूट की बात बताई। व्यापारी ने पुलिस को बताया कि पैसा लेकर घर जाने के दौरान जैसे ही मुशहवा ताल के आगे पहुंचा।
वैसे ही अचानक मेरे पीछे से दो बाइक से दो अज्ञात व्यक्ति आ गए। इसके बाद मुंह पर कपड़ा फेंककर बेहोश कर दिया फिर अलिया चौराहे पर छोड़ दिया। पूरी घटना को सुनने के बाद दरगाह थानाध्यक्ष मनोज सिंह दलबल के साथ पीड़ित को लेकर मौके पर पहुंचे। मनोज सिंह ने बताया कि घटना संदिग्ध लग रही है। सूचना पर सीओ सिटी विनय द्विवेदी भी मौके पर पहुंचे। सीओ ने कड़ाई से पूछताछ की तो व्यापारी टूट गया और पैसे गबन करने की बात बताई। थानाध्यक्ष ने बताया कि व्यापारी पर गांव में कुछ लोगों का पैसा बाकी था। कर्ज खत्म करने के लिए व्यापारी ने लूट की झूठी साजिश रची थी।