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साढ़े आठ लाख श्रमिकों का होगा पोषण

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बहराइच। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर 2000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता दिया जाएगा। श्रमिकों को यह भत्ता सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। योजना का लाभ 31 दिसंबर तक ई-श्रमिक पोर्टल पर पंजीकरण करवाने वाले श्रमिकों को दिया जाएगा। साथ ही श्रमिकों को दुर्घटना बीमा व मुख्यमंत्री जनआरोग्य कार्ड का तोहफा भी दिया जाएगा।
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कोरोना संक्रमण की पहली व दूसरी लहर के दौरान काम बंद होने से कई श्रमिकों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था, जिसे देखते हुए प्रदेश की सरकार ने संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ता देने की घोषणा की है। ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले श्रमिकों को दो लाख रुपये की मुख्यमंत्री दुर्घटना योजना का लाभ भी दिया जाएगा। साथ श्रमिकों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का कवर भी दिया जाएगा जिससे श्रमिक पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज किसी भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में करवा सकते हैं। योजना के लिए ई-श्रम पोर्टल पर अब तक 8.5 लाख श्रमिक अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। श्रमिकों को भरण पोषण भत्ता 500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 1000-1000 की दो किस्तों में दिया जाएगा।
असिस्टेंट कमिश्नर श्रम सिद्धार्थ मोडियाल ने बताया कि ई-श्रमिक पोर्टल पर पंजीयन पूरी तरह से निशुल्क है। श्रमिक खुद मोबाइल से ईश्रमडॉटजीओबीडॉटइन पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए श्रमिकों के पास आधार कार्ड, आधार लिंक बैंक पासबुक व आधार लिंक मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। इसके अलावा श्रमिक ग्राहक सेवा केन्द्र पर जाकर अपना पंजीयन करवा सकते हैं। श्रमिक पंजीयन पूरी तरह निशुल्क है अगर इसके लिए कोई भी पैसे मांगता है, तो तत्काल इसकी शिकायत करें। संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा जाएगा। किसी भी जानकारी के लिए श्रमिक भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 14434 पर फोन कर सकते हैं। जिला स्तर पर किसी भी सहायता या शिकायत के लिए श्रमिक श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिजवान खान के मोबाइल नंबर 9984594914 पर फोन कर सकते हैं।
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असिस्टेंट कमिश्रर सिद्धार्थ मोडियाल ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक की श्रेणी में 150 कार्यों में लगे श्रमिक आते हैं। जिनमें खेती व सब्जी उत्पादन में लगे श्रमिक, पशुधन व डेयरी, मत्स्य, बागवानी, परिवहन कंडक्टर, टेलर, ड्राइवर, वाहन क्लीनर, नाई, धोबी, दुकानों पर लगे श्रमिक, अखबार वितरक, कुम्हार, लोहार, ईट भट्टे पर लगे श्रमिक, बढ़ई, चित्रकार, मोची आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का पीएफ नहीं कटता है, वह असंगठित श्रमिक की श्रेणी में आते हैं।
ई-श्रमिक पोर्टल पर अब तक 8.5 लाख श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है। 31 दिसंबर तक पंजीयन करवाने वाले प्रत्येक श्रमिक को 2000 रुपये भरण-पोषण भत्ता दिया जाएगा।
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- सिद्धार्थ मोडियाल, असिस्टेंट कमिश्रर श्रम
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