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पहला कोरोना पॉजिटिव मिला फिर भी लापरवाही

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बहराइच। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर का पहला कोरोना पीड़ित मरीज मिलने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। महसी निवासी एक व्यक्ति के ऑपरेशन के लिए सोमवार को उसकी आरटीपीसीआर जांच करवाई गई थी जो पॉजिटिव निकली है। एहतियात के तौर पर उसे होम आइसोलेशन में रखा गया है और घर को सील कर दिया गया है। सीएचसी महसी की टीम ने कांट्रैक्ट ट्रेसिंग को लेकर व्यक्ति के आसपास के लोगों के नमूनों को भी जांच के लिए लैब भेजा है। वहीं, ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए युवक की स्लाइड जांच के लिए लखनऊ भेजी गई है। वहीं, कोरोना के खतरे को लेकर सिस्टम की लापरवाही एक बार फिर सामने आ रही है। बस अड्डों व रेलवे स्टेशन पर जांच की व्यवस्था बस खानापूर्ति साबित हो रही है। साथ ही लोग भी एहतियात नहीं बरत रहे।
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महसी तहसील क्षेत्र के एक गांव निवासी 39 वर्षीय युवक को हर्निया की समस्या थी। इसको लेकर डॉक्टरों ने उसे ऑपरेशन की सलाह दी थी। सोमवार को ऑॅपरेशन से पूर्व युवक की कोविड जांच कराई गई, जिसमें कोविड के लक्षण मिले। डॉक्टरों ने तत्काल उसे घर भेजते हुए नमूना लैब भेज दिया। मंगलवार को आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया। युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। युवक को चिकित्सकों की निगरानी में घर पर ही होम आइसोलेट किया गया है। वहीं, एहतियात के तौर पर सीएचसी महसी के डॉक्टरों ने युवक के घर के आसपास के लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
युवक की ट्रैवेल हिस्ट्री की भी पड़ताल की जा रही है। युवक किस-किस के संपर्क में आया है, उसका पता भी लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि युवक 15 दिन पूर्व ही मुंबई से आया था। वहीं, कुछ दिन पूर्व वह किसी कार्य से लखनऊ भी गया था। युवक के संक्रमित होने व यात्रा करने को लेकर लोग आशंकित हैं। वहीं, दूसरी ओर मुंबई में ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज भी मिल चुके हैं जिससे युवक में ओमिक्रॉन की आशंका भी बनी हुई है। उसका सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की रोकथाम के लिए व्यापक प्रयास करने का दावा किया जा रहा है। विभाग की ओर से बाहर से आने वाले प्रत्येक यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग व कोरोना टीकाकरण का भी दावा किया जा रहा है, लेकिन मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के दावों की पड़ताल करने पर दावे फेल नजर आए। रोडवेज बस अड्डे पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से थर्मल स्क्रीनिंग के लिए टीम तो तैनात मिली, लेकिन थर्मल स्क्रीनिंग का तरीका बस खानापूर्ति तक सीमित नजर आया। टीम बस अड्डे पर आने वाले यात्रियों की तो जांच करती नजर आई, लेकिन सैकड़ों की संख्या में बस से उतरने वाले यात्री धड़ल्ले से गंतव्य तक जाते नजर आए।
सभी आने-जाने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। संक्रमित युवक पूरी तरह से स्वस्थ है। रैंडम जांच में कोरोना की पुष्टि हुई है। ओमिक्रॉन के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर उसे होम आइसोलेट कर दिया गया है।
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- डॉ, सतीश सिंह, सीएमओ
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