गायघाट (बहराइच)। मिहींपुरवा विकास खंड क्षेत्र के नौबना में खैर की लकड़ी काटने पर वन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई अब चर्चा में है। वन क्षेत्राधिकारी द्वारा लकड़ी काटने वाले आरोपी से ढाई लाख रुपये का जुर्माना वसूल लिया गया, लेकिन उसे रसीद नहीं दी गई। हालांकि, प्रकरण संज्ञान में आने के बाद डीएफओ ने वन क्षेत्राधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बताते चलें कि इस प्रकरण पर तीन दिन पहले ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस ऑडियो में एक सांसद द्वारा आरोपी को बचाने की सिफारिश की भी की गई थी। सिफारिश करने वाले सांसद का क्या नाम है, ऑडियो में यह स्पष्ट नहीं हो सका।
घटनाक्रम के मुताबिक, ककरहा रेंज के क्षेत्राधिकारी इरफान अंसारी को मुखबिर से सूचना मिली कि नौबना निवासी जयप्रकाश गुप्ता के दरवाजे पर प्रतिबंधित खैर की लकड़ी रखी हुई है। जब वह मौके पर पहुंचे तो लकड़ी बरामद हो गई। बताया जा रहा है कि जब सत्यप्रकाश को पकड़ा गया तो उसे छुड़ाने की सिफारिश करने के लिए एक सांसद के अलावा कई अन्य नेताओं के फोन डीएफओ के पास पहुंचे। डीएफओ और नेताओं के बीच हुई बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें पता चलता है कि क्षेत्राधिकारी नियमों से इतर इस मामले को निपटाने में लगे हुए थे।
ऑडियो के माध्यम से यह भी पता चला कि नेताओं से बातचीत के बाद डीएफओ ने तस्दीक कराई तो क्षेत्राधिकारी के खिलाफ शिकायत सही पाई गई। हालांकि, ऑडियो वायरल होने के बाद क्षेत्राधिकारी ने वन कानूनों के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी से जुर्माने के रूप में ढाई लाख रुपये तो ले लिए, लेकिन उसकी रसीद आरोपी को नहीं दी। जब यह बात डीएफओ के संज्ञान में लाई गई तो उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी इरफान अंसारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि क्षेत्राधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।