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संदेह के घेरे में पयागपुर सीएचसी का टीकाकरण कार्यक्रम

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पयागपुर (बहराइच)। पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़े फ्राड की सूचना सामने आ रही है जो व्यक्ति अक्टूबर में दोनों डोज लगवा चुका है, उसके मोबाइल पर नवंबर माह में दूसरी डोज लगवाने का मेसेज आ रहा है। वहीं जिसने एक डोज लगवाई है, उसके रिकॉर्ड में दूसरी डोज भी पूरी हो चुकी है। यही नहीं सूत्रों के मुताबिक जिला मुख्यालय से जितनी डोज सीएचसी को प्राप्त हुई है, उसके सापेक्ष हजारों की संख्या में अधिक डोज लगाने की सूचना रिकॉर्ड में दर्ज हो गई है। अतिरिक्त डोज कहां से आई इसका जवाब कोई नहीं दे पा रहा है। किसी के रजिस्ट्रेशन नंबर पर किसी और का नाम भी सामने आ रहा है। कुल मिलाकर यह मामला जांच का विषय बन चुका है। स्थानीय नागरिक भी अब वैक्सीनेशन की शुचिता को लेकर असमंजस में हैं।
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ऐलो निवासी रुद्र प्रताप सिंह सरकारी कर्मचारी हैं। रुद्र प्रताप ने प्रथम डोज 20 जुलाई 2021 को और दूसरा डोज 12 अक्तूबर 2021 को लगवाई। दोनों डोज रिकॉर्ड में दर्ज हैं। उसके बाद 14 नवंबर को इनके मोबाइल पर मेसेज आता है कि आपकी दूसरी डोज 14 नवंबर को लगाई गई। इनका कहना है कि हमारी दूसरी डोज पहले ही लग चुकी थी।
अमदापुर निवासी अंकित सिंह के मोबाइल पर मेसेज आया कि आपको 14 नवंबर तक दोनों डोज लग चुकी है। जबकि इनका कहना है कि इनको एक ही डोज अब तक लगी है। वह भी सात जून को।
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झाला निवासी अखिलेश मिश्रा के परिवार में उनके अलावा उनकी पत्नी तथा दो बच्चों को दोनो डोज लग चुका है। इनके रजिस्टर्ड मोबाइल पर मेसेज आता है कि सुषमा को दोनों डोज लग चुकी है। जब अखिलेश ने पता किया तो पता चला कि सुषमा महसी की रहने वाली है और उसे इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं है।
भूपगंज निवासी एसजे मिश्रा के मोबाइल पर किसी पप्पू नाम व्यक्ति का डिटेल आता है। पप्पू के पंजीयन में यह भी बताया गया कि उसे दोनो डोज लग चुका है। एसजे मिश्रा जब पता करते हैं तो पता चलता है कि किसी पप्पू के नाम के आगे उनका मोबाइल नंबर डाल दिया गया है। पप्पू कौन हैं, कहां के रहने वाले हैं इसका कोई अता-पता नहीं चल पाता।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 22 जनवरी 2021 से अब तक एक लाख 79 हजार 720 कोविशील्ड की डोज प्राप्त हुई हैं, जबकि कोवैक्सीन की 4250 डोज प्राप्त हुई। सूत्रों के मुताबिक इस समय 11220 कोविशील्ड और 1420 कोवैक्सीन अस्पताल में शेष बची हुई है। यानी दोनों मिलाकर 12640 वैक्सीन शेष बची हुई है। यानी कुल मिलाकर सीएचसी पयागपुर को एक लाख 83 हजार 970 वैक्सीन प्राप्त हुई जिसमें 12640 फ्रीजर में रखी हुई है। इस प्रकार एक लाख 71 हजार 330 वैक्सीन डोज लग चुकी है जबकि सरकारी आंकड़ों में बताया गया है कि सीएचसी पयागपुर से एक लाख 91 हजार 494 डोज सोमवार तक लगाई गई हैं। अब प्रश्न यह उठता है कि जब प्राप्ति एक लाख 71 हजार 330 है तो एक लाख 91 हजार 794 डोज कहां से लगा दी गई। प्रथम दृष्टया यह कागजों पर आंकड़ों का खेल प्रतीत होता है। अगर सरकारी रिपोर्ट सही मानी जाए तो 20464 डोज कहां से आए।
टीका लगवा चुके लोगों के मोबाइल पर जब इस तरह के मेसेज आ रहे हैं तो लोगों को मन में टीकाकरण की सुचिता के प्रति सवाल उठना लाजिमी है। ऐसे में लोग असमंजस में हैं कि आखिर यह हो क्या रहा है। इस प्रकरण की सच्चाई जानने के लिए विगत तीन दिनों से सीएचसी अधीक्षक डॉ. संदीप मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन न तो वह ठीक से कोई जवाब दे रहे हैं और ही उन्हें इसको लेकर कोई अफसोस है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. जयंत भी इस मामले को लेकर टालमटोल करते दिख रहे हैं। यही नहीं सीएमओ से कई बार इस प्रकरण की जानकारी फोन से मांगी गई तो उन्होंने फोन तो हर बार उठाया। प्रश्न भी सुना, लेकिन रवैया टालमटोल का ही दिखा। मतलब साफ है। इतने गंभीर प्रकरण पर जब अधिकारी जवाब न देना चाहे तो संदेह उत्पन्न होता है।
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