बहराइच। जिले के रोडवेज बस अड्डे से 107 बसों का संचालन दिखाया जा रहा है, लेकिन रोडवेज प्रशासन की उदासीनता व देखरेख के अभाव में बस अड्डे की वर्कशॉप पर करीब 30 से अधिक बसें खड़ी धूल फांक रहीं हैं। 20 बसों का संचालन महज इसलिए बंद है क्योंकि उन बसों में बैटरी या फिर कल पुर्जों की जरूरत है। खड़ी बसों पर निगम प्रतिमाह साढ़े सात लाख से अधिक का टैक्स सहायक संभागीय कार्यालय को भुगतान कर रहा है। इसके अलावा साढ़े चार लाख से अधिक आय का भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। निगम के जिम्मेदार बसों को दुरुस्त कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। निगम प्रशासन चालकों परिचालकों की कमी बताकर पल्ला झाड़ रहा है।
जिले के रोडवेज बस अड्डे से मौजूदा समय 107 बसों का संचालन दिल्ली, हरिद्वार, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, फैजाबाद, गोंडा, बलरामपुर आदि जनपदों में कागजों पर हो रहा है, लेकिन रोडवेज परिसर की जमीनी सच्चाई कुछ और ही नजर आ रही है। रोडवेज परिसर की वर्कशॉप में लगभग तीस से अधिक बसें धूल फांक रही हैं। कुछ बसों से टायर नदारद हैं तो कुछ बस बैटरी के अभाव में खड़ी हैं। ज्यादातर बसें मामूली छोटे-मोटे पार्ट्स के अभाव खड़ी वर्कशॉप की शोभा बढ़ा रहीं हैं।
हालात ये हैं कि निगम प्रशासन इन बसों को दुरुस्त कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। ऐसे में वर्कशॉप पर खड़ी बसों से निगम को प्रतिदिन होने वाली करीब 10 से 15 हजार की आमदनी का तो नुकसान उठाना पड़ ही रहा है, साथ ही निगम को खड़ी बसों पर प्रतिमाह करीब 25 हजार से अधिक का टैक्स भी सहायक संभागीय कार्यालय को चुकाना पड़ रहा है। मामले में जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए है।
वर्कशॉप संचालक कागजों में बसों को दुरुस्त कर रिपोर्ट संचालन विभाग को भेज देता है, लेकिन जब संबंधित बस के चालक बस की जांच करते हैं तो बसें मार्ग पर चलने लायक ही नहीं मिलती हैं। ऐसे में कागजों पर तो बसों का संचालन होता रहता है।
रोडवेज बस अड्डे पर बस संख्या यूपी 40 टी 3697 एक माह से मामूली कमी के चलते वर्कशॉप पर खड़ी धूल फांक रही है, लेकिन निगम प्रशासन बस दुरुस्त नहीं करा है। इसी तरह बस संख्या यूपी 40 टी 2610 व 1261 भी कई माह से पूरी तरह जर्जर हैं। इनको भी निगम प्रशासन दुरुस्त कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है।
वर्कशॉप पर पर दो बसें दुर्घटना के चलते जर्जर अवस्था में हैं। इन्हें सेंट्रल वर्कशॉप से ही दुरुस्त कराया जाएगा। दो बसें बैटरी के अभाव में, जबकि पांच बसें मामूली खराबी के चलते खराब हैं। इसके अलावा सभी बसों का संचालन किया जा रहा है। कभी-कभी अप डाउन करने वाली बसें शाम को लौटकर वापस आती है तो इनकी रुटीन चेकिंग के लिए वर्कशॉप पर भेज दिया जाता है।
- मोहम्मद इरफान, एआरएम