बहराइच। मेडिकल कॉलेज में गरीबों की जेब ढीली करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को सस्ते इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज आए एक मरीज को डॉक्टर ने पैसे देकर प्लास्टर बंधवाने के लिए आवास पर भेज दिया। मरीज ने जब इसकी शिकायत मीडिया कर्मी से की तो कैमरा देखकर डॉक्टर के सुर बदल गए और उन्होंने बच्ची के छोटी होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
एक माह की छोटी बच्ची का इलाज करवाने आए मो. हनीफ ने बताया कि बेटी अरशिफा के हाथ की हड्डी टूट गई है। इलाज करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज में हड्डी विभाग में दिखाया है, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर ने अस्पताल में प्लास्टर न बांधकर उनके आवास पर 500 रुपये देकर इलाज करवाने को कहा। हनीफ ने बताया कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं और वह मेडिकल कॉलेज में सस्ता इलाज करवाने के लिए आए थे। अस्पताल में लूट खसोट मची हुई है।
इस संबंध में जब हड्डी विभाग के डॉक्टर से बात की गई तो कैमरा देखते ही उनके सुर बदल गए। डॉक्टर ने बताया कि तीमारदार उनकी बात समझ नहीं पाए हैं और उन्होंने बच्ची के छोटा होने के कारण पट्टी बांधने की सलाह दी थी। वहीं, डॉक्टर के सामने भी तीमारदार अपने आरोप पर अड़ा रहा है। सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।