बहराइच। जिले में हर माह हेपेटाइटिस से संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बीते छह माह में 104 मरीज मिल चुके हैं। इसका खुलासा ब्लड बैंक व पैथालॉजी रिपोर्ट में हुआ है। हर माह बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए चिकित्सकों ने सावधानी बरतने की अपील की है। चिकित्सकों के मुताबिक यह एक ऐसी बीमारी हैं, जिसका सहज अंदाजा लगाना बड़ा मुश्किल है। हेपेटाइटिस सी सबसे ज्यादा घातक साबित हो रहा है।
हेपेटाइटिस बीमारी चार प्रकार के वायरस हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी व हेपेटाइटिस डी से होती है। ए व डी वायरस ज्यादा घातक नहीं होते हैं, लेकिन हेपेटाइटिस बी व हेपेटाइटिस सी लोगों की सेहत की दृष्टि से बहुत ही खतरनाक होते हैं। हेपेटाइटिस बी व सी दोनों ही लीवर की खराबी व लीवर कैंसर का कारण बन जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर हेपेटाइटिस के प्रति सजगता बरती जाय तो इस बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है। हेपेटाइटिस ए संक्रमित खाद्य पदार्थों के सेवन, संक्रमित व्यक्ति के हाथ से लिए गए खाद्य पदार्थों के सेवन आदि से होता हैं, जबकि हेपेटाइटिस बी व सी मुख्य रूप से संक्रमित सूई के इस्तेमाल, संक्रमित खून चढ़वाने, असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित मां से जन्मे बच्चे में फैलता है। इसके साथ ही नशीले पदार्थों का सेवन एक ही सूई से कई लोगों के करने से भी इस वायरस के फैलने का खतरा बना रहता है।
हेपेटाइटिस बीमारी होने पर मरीज की आंखें पीली हो जाती हैं। इसके साथ ही लोगों के पेट में दर्द, उनका पेशाब पीला हो जाना, मरीज के शरीर में लगातार बुखार चढ़ा होना, भूख कम लगना, थकान व कमजोरी का लगातार बना रहना भी इस बीमारी के प्रमुख लक्षण है, लेकिन अक्सर लोगों को हेपेटाइटिस बीमारी होने का पता नहीं चल पाता है। हेपेटाइटिस से बचने के लिए डॉक्टर लोगों को इसका टीका लगवाने की सलाह देते हैं। साथ ही सुई के इस्तेमाल में सतर्कता बरतने, यौन संबंध बनाते समय सावधानी बरतने आदि से भी इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। पिछले छह माह में 104 लोगों में हेपेटाइटिस की पुष्टि हो चुकी है।
हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी हैं, जिसके लक्षण आसानी से नहीं दिखते हैं। बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो अपने आप को स्वस्थ समझते हैं लेकिन वास्तव में वह हेपेटाइटिस से पीड़ित होते हैं। इसका खुलासा ब्लड बैंक में जमा खून की जांच में हुआ है। जांच में पता चला कि खून देने वाले 63 लोग हेपेटाइटिस से पीड़ित हैं। ये ऐसे लोग हैं जिन्हें पता भी नहीं है कि वे हेपेटाइटिस जैसी घातक बीमारी से पीड़ित हैं।
जिले में पिछले छह माह के अंदर हेपेटाइटिस के 104 मरीज पाए जा चुके है। हेपेटाइटिस बी की अपेक्षा हेपेटाइटिस सी ज्यादा घातक होता है। सी वायरस से संक्रमित लोगों की समय से इलाज न होने पर मौत जल्दी होती है। पिछले छह माह में ब्लड बैंक में आए खून की जांच में 10 लोगों में हेपेटाइटिस सी की पुष्टि हुई है। लोगों को इस वायरस के प्रति सावधान होना होगा।
- डॉ. ओपी पांडेय, सीएमएस, बहराइच