हाथियों के उत्पात के गिरे कच्चे मकान।
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कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के कतर्नियाघाट व निशानगाढ़ा रेंज में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। चार ग्रामीणों के आशियाने ढहा दिए। घर में रखे अनाज को भी बर्बाद कर दिया। घर में मौजूद ग्रामीणों ने भाग कर किसी तरह जान बचाई। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों व ग्रामीणों ने गोला दागा तब जाकर हाथी जंगल की ओर गए। हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत है।
कतर्नियाघाट जंगल रेंज के कैलाशनगर गांव में बुधवार रात भटक कर टस्कर हाथी पहुंच गया। गांव में पहुंचते ही हाथी ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। गांव निवासी कालावती पत्नी पंचम व रंगीलाल पुत्र छोटेकऊ के घर पहुंचा और सामान नष्ट करने लगा। दोनों ग्रामीणों के घरों को हाथी ने ढहा दिया। किसी तरह ग्रामीणों ने भाग कर जान बचाई। आसपास के लोग एकत्र हुए। सूचना पर रेंजर रामकुमार, वन दरोगा अनिल कुमार, वन रक्षक अब्दुल सलाम व वाचर रामनाथ मौके पर पहुंचे।
वनकर्मियों व ग्रामीणों ने मिलकर गोले दागे। लगभग दो घंटे उत्पात के बाद हाथी जंगल की ओर चला गया। वहीं, निशानगाढ़ा रेंज के पिंजड़ा नवतोड़ गांव में भी हाथियों का झुंड पहुंचा। यहां अंतराम पुत्र रघु व खुशीराम के घर में घुसकर उत्पात मचाया। सामान तहत-नहस कर दिया। दोनों ग्रामीणों के घर को ढहा दिया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पीपा बजाया और गोले दागे तब जाकर हाथियों का झुंड जंगल की ओर गया। हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत है।
कतर्नियाघाट के डीएफओ आकाशदीप बधावन का कहना है कि गिरिजापुरी-लखीमपुर स्थित घोसियाना मोड़ पर हाथी खड़ा थी। आने-जाने वाले ग्रामीणों को दौड़ाता रहा। करीब 15 मिनट तक हाथी ने उत्पात मचाया। राहगीर सहमे रहे। हाथी के जंगल में जाने के बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली। कतर्निया व निशानगाढ़ा रेंज में हाथियों के उत्पात मचाने की घटना संज्ञान में आई है। मौके पर अधिकारियों व कर्मचारियों को भेजा गया है। ग्रामीणों के नुकसान का आकलन करने के बाद मुआवजा दिलाया जाएगा।