रुपईडीहा (बहराइच)। रक्षाबंधन का पर्व रविवार को पूरे दिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नेपाल व भारत में रहने वाली बहनों ने अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधने के लिए पैदल ही सीमा पार कर दोनों देशों की सीमा में प्रवेश किया। इसके बाद भाइयों के घर पहुंचकर उन्हें राखी बांधी। भारत-नेपाल के बीच कोरोना संक्रमण को लेकर वाहनों का आवागमन बंद होने के बावजूद भाई-बहनों का प्यार व उत्साह देखते ही बना। कोरोना संक्रमण को लेकर भारत-नेपाल के बीच वाहनों का आवागमन बंद चल रहा है, जिससे भारत और नेपाल के लोग पैदल आवागमन कर रहे हैं। वहीं, रविवार को रक्षाबंधन का पर्व मना। ऐसे में भारतीय क्षेत्र में रहने वाली बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए पैदल ही नेपाल पहुंची। इसी तरह नेपाल में रहने वाली बहनें भी पैदल ही सीमा पारकर भारत पहुंचीं। बहनों ने भाइयों के हाथ पर राखी बांधी। सीमा की बंदिश भाई और बहन के प्यार व उत्साह के आगे फीकी दिखी। सीमा पार कर बहनें पैदल मायके पहुंचीं और भाइयों की कलाई में राखी बांधी। पैदल आवागमन करने के दौरान भी लोगों को लाइन लगानी पड़ी। जांच व आईडी दिखाने के बाद ही भारतीय सीमा में प्रवेश दिया गया। मालूम हो कि नेपाल और भारत के बीच रोटी-बेटी का संबंध है जिसको रक्षाबंधन, भइया दूज में भाई और बहन बखूबी निभाते हैं। दोनों पर्व भाई और बहनों के प्यार की संस्कृति को भी दर्शाते हैं।
भारत और नेपाल के बीच आवागमन काफी दिनों से बंद चल रहा है। दोनों देश के बीच सिर्फ आवश्यक वस्तुओं के वाहनों का संचालन ही किया जा रहा है जिसमें पेट्रोल-डीजल, खाद्यान्न व अन्य वस्तुएं शामिल हैं।