महसी (बहराइच)। महसी में नदी का जलस्तर कम होने लगा है। नदी का जलस्तर नौ सेंटीमीटर कम होने से तीन गांवों से पानी बाहर निकल गया है जबकि छह गांवों में पानी भरा हुआ है। गांवों में पानी भरा होने से जनजीवन अस्तव्यस्त है। प्रशासन की ओर से मदद नहीं की जा रही है। वहीं, जरवल में एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर खतरे के निशान को छूने को बेताब दिख रहा है।
तराई में निरंतर हो रही बारिश के चलते नदियां उफनाने लगी हैं। महसी तहसील में नौ गांव बाढ़ के पानी से घिरे थे, लेकिन नदी का जलस्तर नौ सेंटीमीटर कम हो गया है जिससे छत्तरपुरवा, जोगलापुरवा और रानीबाग गांव से पानी निकल गया है। वहीं, तहसील क्षेत्र के मांझा दरिया बुर्द, नौवनपुरवा, पाठकपुरवा, नगेसरपुरवा व अहिरनपुरवा गांव में पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों के घरों में पानी भरा होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। लोगों की दिनचर्या प्रभावित है। वहीं, तहसील प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है। उधर कैसरगंज तहसील के जरवलरोड में स्थित एल्गिन ब्रिज का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। यहां पर नदी खतरे के निशान को छूने को बेताब दिख रही है। बाढ़ खंड के एसडीओ बीबी पाल ने बताया कि महसी में पानी घट रहा है जबकि जरवल विकास खंड में पानी बढ़ रहा है। यहां पर नदी एल्गिन ब्रिज को छूने के लिए बेताब दिख रही है। उन्होंने बताया कि नदी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में आज भी लोगों को बदहाली की जिंदगी गुजारनी पड़ रही है। नदी का पानी बढ़ने के कारण घरों में भोजन बनाने से लेकर पीने के पानी तक की समस्या पैदा हो गई है, मगर कोई भी प्रशासनिक इंतजाम नहीं किए गए हैं। अभी तक कोई कर्मचारी गांवों में दवा बांटने तक नहीं गया है। ऐसे में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
वर्तमान जलस्तर- 111.500 मीटर
खतरे का निशान- 113.050 मीटर
एल्गिन ब्रिज का जलस्तर
वर्तमान जलस्तर- 105.876 मीटर
खतरे का निशान- 106.700 मीटर