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मेडिकल कॉलेज में बेड फुल, वापस किए जा रहे मरीज

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बहराइच। मेडिकल कालेज से संबद्ध महर्षि बालार्क जिला अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं जिससे गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों का इमरजेंसी में इलाज करने के बाद उन्हें घर भेज दिया जा रहा है। ऐसे में तीमारदार मजबूरी में अपने मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में लेकर जा रहे हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन बेड बढ़ाने की कोई योजना नहीं बता पा रहा है। ऐसे में गरीब तबके के लोगों को इलाज में काफी परेशानी होती है।
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शहर में मेडिकल कालेज से संबद्ध महर्षि बालार्क जिला चिकित्सालय संचालित है। जिला चिकित्सालय में मंडल के बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती और आंशिक नेपाल के लोग इलाज के लिए आते हैं। दूर-दराज से लोग सस्ते इलाज के लिए सरकारी अस्पताल का रुख करते हैं। लेकिन इस समय मेडिकल कॉलेज में बेड ही खाली नहीं है। विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीज इमरजेंसी पहुंच रहे हैं। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा जा रहा है। अगर मरीज अस्पताल में ही भर्ती होकर इलाज करवाने की बात कहता है तो अस्पताल प्रशासन द्वारा बेड न खाली होने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है।
इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को समस्याएं होती हैं। सभी अपने मरीज को अस्पताल से लेकर घर की ओर रवाना होते हैं। वहीं जो गंभीर रोगों से ग्रसित हैं, वह मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल इलाज के लिए जाते हैं। सोमवार को भी मिहींपुरवा, पयागपुर, महसी के जोत चांदपारा, हुजूरपुर निवासी मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। जबकि मरीज भर्ती करने के लिए अस्पताल प्रशासन से मिन्नत करते रहे, लेकिन बेड खाली न होने से मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सका।
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मिहींपुरवा विकास खंड अंतर्गत गंगापुर निवासी युवक सड़क हादसे में घायल हो गया। परिवार के लोग इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले गए। यहां पर बेड न होने की बात कही गई। इस पर परिवार के लोग अस्पताल के सामने गली में स्थित नर्सिंगहोम लेकर गए। यहां पर भर्ती कर इलाज करवाया। इसी तरह शिवपुर के असवा गांव निवासी महिला को भर्ती नहीं किया जिस पर परिवार के लोग इलाज के लिए डिगिहा स्थित अस्पताल लेकर चले गए।
महर्षि बालार्क जिला अस्पताल में जितना बेड है, उससे अधिक मरीज भर्ती हैं। ऐसे में अब मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। उसमें हम कुछ नहीं कर सकते। बेड खाली होने पर ही दूसरे मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
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डॉ. ओपी पांडेय, सीएमएस
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