बहराइच। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है, लेकिन दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। छह माह से कॉर्पोरेशन ने दवाएं देना बंद कर दिया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन लोकल परचेज, टेंडर और सीएमओ से दवाएं लेकर मरीजों को वितरित कर रहा है। यहां तक कि एंटी बायोटिक दवा भी नहीं है जबकि बदल रहे मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार, गले में खराश व खांसी के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है।
महर्षि बालार्क जिला अस्पताल में बहराइच के साथ मंडल के चार जिलों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। बारिश और धूप के मौसम में प्रतिदिन ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। फिजीशियन की ओपीडी में प्रतिदिन एक चिकित्सक 150 से अधिक मरीजों को देखता है। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि पहले कोरोना संक्रमण के चलते मरीजों की संख्या कम होती थी, लेकिन अब मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन 100 से ऊपर मरीजों की ओपीडी की होती है। इनमें बुखार, गले में खराश, खांसी, बुखार, सर्दी व जुकाम के मरीजों की संख्या अधिक है। अस्पताल में उपलब्ध दवाएं मरीजों को लिखी जाती हैं। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अस्पताल में दवाओं का टोटा है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक कॉर्पोरेशन विभाग की ओर से बीते छह माह से दवाएं नहीं भेजी जा रही हैं जिससे लोकल परचेज, टेंडर और सीएमओ कार्यालय से दवाएं लेकर मरीजों को दी जा रही हैं, लेकिन लोकल परचेज से दवाओं का कोटा पूरा नहीं हो रहा है। ऐसे में अस्पताल के दवा भंडार गृह में मात्र 185 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हैं जबकि मांग 600 से 700 प्रकार की दवाओं की हैं। भंडार गृह में एंटी बायोटिक, डाइक्लोनेक व एसीलॉक जैसी दवाएं भी नहीं हैं। सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि कॉर्पोरेशन ने पहले रुपये की मांग की है, लेकिन अभी तक एकाउंट नंबर ही वहां से नहीं भेजा गया है जिससे उन्हें रुपया नहीं ट्रांसफर किया जा सका है। सीएमएस ने बताया कि पुन: रिमाइंडर भेजा है। एकाउंट नंबर मिलते ही दवाइयों की खरीद की जाएगी।
मेडिकल कालेज में दवाओं की कमी बीते छह माह से है। मांग के बाद भी कॉर्पोरेशन विभाग की ओर से दवाएं नहीं दी जा रही हैं। पहले रुपये भेजने की मांग पर खाता नंबर भी मांगा गया है। खाता नंबर मिलते ही रुपये भेज दिए जाएंगे। तब तक लोकल परचेज और टेंडर के माध्यम से दवा की पूर्ति की जा रही है।
डॉ. ओपी पांडेय, सीएमएस
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि बुखार, सर्दी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में लोग बारिश से बचाव करें। दिनभर पानी का प्रयोग करें, भरपूर भोजन करने के साथ गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करें जिससे लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार व खराश से छुटकारा मिलेगा।