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नाबालिग से दुष्कर्म में 10 साल कैद की सजा

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बहराइच। थाना रुपईडीहा मेें दुराचार के दर्ज मुदकमे मेें शुक्रवार को 14 साल बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त की जमानत निरस्त कर जेल भेजने का आदेश दिया है।
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एडीजीसी क्रिमिनल गिरीश चंद्र शुक्ल ने बताया कि थाना रुपईडीहा के सरवन तारा गांव निवासी लव कुमार उर्फ बड़कऊ के खिलाफ 13 वर्षीय बलिका के साथ दुराचार के मामले मेें 17 अक्तूबर 2006 मेें नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। एडीजीसी क्रिमिनल शुक्ला ने बताया कि मामले मेें अपर सत्र पाक्सो एक्ट के न्यायाधीश नितिन पांडेय के न्यायालय पर मुकदमे की सुनवाई लंबित चल रही थी। अभियुक्त मुकदमे के दौरान जमानत पर चल रहा था। शुक्रवार को मामले मेें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश नितिन पांडेय ने मुकदमे में अपना निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त लव कुमार को दोषी करार दिया। उसकी जमानत जज ने निरस्त कर दी। न्यायाधीश नितिन पांडेय ने अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए 30 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि अगर अभियुक्त की ओर से अर्थदंड की रकम अदा नहीं किया जाता है, तो उसे एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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