बिछिया ( बहराइच )। नेपाल से बहकर आने वाली कौड़ियाला और गेरुआ के संगम से बनकर चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज से बहने वाली घाघरा नदी ने पिछले एक सप्ताह से विकराल रूप ले लिया है। तीन दिन पूर्व चहलवा के दो दर्जन किसान टापू पर खेती करते समय बाढ़ में फंस गए थे जिन्हें ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया था वहीं प्रेम नगर गांव भी पूरी तरह बाढ़ प्रभावित हो चुका था जहां के लोगों ने स्कूल व पंचायत भवन में पलायन किया । वहीं शुक्रवार को घाघरा के तेवर और भी तीखे हो गए घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ने लगा है । शाम होते होते ग्राम पंचायत बरखड़िया का नई बस्ती व गुप्ता पुरवा गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गया ।
ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई मौके पर थाना सुजौली के प्रभारी निरीक्षक ओपी चौहान भी दलबल के साथ बचाव के लिए पंहुच गए । ग्राम प्रधान चहलवा के प्रतिनिधि प्रीतम निषाद ने इन गांव के ग्रामीणों के सुरक्षित बचाने के लिए पांच नाव की व्यवस्था की । ग्राम प्रधान बरखड़िया जयप्रकाश पासवान ग्रामीणों की मदद करते हुए लोगों को गांव से सुरक्षित स्थानों पर भेजने में जुट गए। वहीं ग्राम पंचायत चहलवा , जंगल गुलरिया और बरखड़िया के करीब दो दर्जन गांवों में चहलवा गांव , प्रेम नगर , रामब्रिज पुरवा , विजय नगर , मौरहवा , दूधनाथ पुरवा , तुलसी पुरवा , गुप्ता पुरवा , नई बस्ती , जंगल गुलरिया , संपत पुरवा , रामपुर रेतिया , धर्मपुर रेतिया , बिंटूलिया , खैरी पुरवा आदि गांव बाढ़ प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है ।