बहराइच। सही समय पर चिकित्सकीय परामर्श और इच्छाशक्ति के बल पर कोरोना को परास्त किया जा सकता है। इसकी मिसाल किसान पीजी कॉलेज के प्राचार्य ने पेश की है। कोरोना को पराजित कर फिर कालेज पंहुचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। किसान पीजी कालेज के प्राचार्य डॉ. विनय सक्सेना व उनकी पत्नी डॉ. पारूल सक्सेना (सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा कंप्यूटर विभाग की विभागाध्यक्ष एवं संयोजक) दोनों 28 अप्रैल को कोरोना पाजिटिव हो गए थे। उसके बाद वो होम आइसोलेशन में चले गए थे।
बुधवार को डॉ. विनय ने स्वस्थ होकर कॉलेज में पंहुचकर पुन: कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने कहा कि अगर मनोबल व इच्छाशक्ति के साथ चिकित्सीय परामर्श का अनुपालन किया जाए तो निश्चित ही कोरोना को परास्त किया जा सकता है। एसोसिएट प्रोफेसर डा. मोहम्मद उस्मान, कार्यालय अधीक्षक रजवंत सिंह, डॉ. मेराजुद्दीन खान, पुत्तूलाल त्रिपाठी, डॉ. आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सत्यभूषण सिंह, डॉ. सतीश सिंह, डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी, अशोक कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह खुशी जताई है। (संवाद)